Lucknow। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर एक और सख्त कार्रवाई करते हुए महोबा के जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दरअसल, 26 अगस्त 2025 को राजेंद्र प्रसाद वर्मा का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने तुरंत संज्ञान लिया और जिलाधिकारी महोबा से जांच कराई। जांच रिपोर्ट में अधिकारी को प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि प्रदेश सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सरकारी तंत्र को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अधिकारियों-कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी, बल्कि जनता का विश्वास भी शासन-प्रशासन पर और मजबूत होगा।