लखनऊ में भोजवाल फाउंडेशन ने भोजवाल समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और श्री अन्नकला बोर्ड के गठन की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान की घोषणा की है। फाउंडेशन के अनुसार, 2 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में भोजवाल जागृति यात्रा शुरू की जाएगी। यात्रा के माध्यम से समाज की शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

श्री अन्नकला बोर्ड गठन की मांग:
भोजवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण भोजवाल ‘आजाद’ ने कहा कि भुर्जी/कानू/भोजवाल समाज लंबे समय से अन्नकला और पाक परंपरा से जुड़ा रहा है। समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और हुनर के जरिए भोजन कला को लोगों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। इसके बावजूद समाज को विकास और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाने की बात फाउंडेशन की ओर से कही गई है।
उन्होंने बताया कि जागृति यात्रा के दौरान श्री अन्नकला बोर्ड के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। फाउंडेशन का कहना है कि इस बोर्ड के गठन से समाज की पारंपरिक पाक कला को सरकारी स्तर पर मान्यता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
युवाओं के रोजगार और प्रशिक्षण पर जोर:
फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष इंजीनियर उमाशंकर भोजवाल ने कहा कि प्रस्तावित श्री अन्नकला बोर्ड के माध्यम से भुर्जी समाज के युवाओं के लिए होटल, रेस्टोरेंट, फूड प्रोसेसिंग, कैटरिंग और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से चली आ रही पाक कला को व्यवस्थित प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की जरूरत है। फाउंडेशन इसी उद्देश्य को लेकर बोर्ड गठन की मांग कर रहा है, ताकि समाज के युवाओं को अपनी पारंपरिक दक्षता के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व की मांग:
फाउंडेशन के उपाध्यक्ष रामजी भोजवाल ने प्रस्तावित श्री अन्नकला बोर्ड में भोजवाल समाज के अनुभवी, शिक्षित और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। उनका कहना है कि समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी से सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
फाउंडेशन पदाधिकारियों ने बोर्ड गठन के साथ समाज से जुड़े अन्य मुद्दों को भी अभियान में शामिल करने की बात कही है।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठेगा:
अध्यक्ष अरुण भोजवाल ‘आजाद’ ने कहा कि भोजवाल जागृति यात्रा के दौरान समाज को पिछड़े वर्ग में सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग के रूप में उचित पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई जाएगी। फाउंडेशन की ओर से समाज के योग्य लोगों को विधानसभा और लोकसभा में राजनीतिक अवसर तथा राज्यसभा, विधान परिषद और विभिन्न आयोगों में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग रखी जाएगी।
समाज को संगठित करने पर जोर:
फाउंडेशन के महासचिव डॉ. मनोहर गुप्ता ‘कानू’ ने कहा कि भुर्जी/कानू/भोजवाल समाज अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो रहा है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान से जुड़े विषयों को लेकर समाज को संगठित होकर प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
फाउंडेशन के पदाधिकारियों के अनुसार, 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश भोजवाल जागृति यात्रा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होकर समाज को संगठित और जागरूक करने का काम करेगी। यात्रा के माध्यम से श्री अन्नकला बोर्ड सहित अन्य मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में ये लोग रहे मौजूद:
प्रेस वार्ता में रिटायर्ड कैप्टन जयराम प्रसाद, एडवोकेट कामेश्वर नाथ भोजवाल, एडवोकेट रामअचल भोजवाल, दिलीप कुमार, मनोज कुमार, मलिकदीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
फाउंडेशन की प्रमुख मांगें:
भोजवाल फाउंडेशन की ओर से श्री अन्नकला बोर्ड का गठन, भोजवाल समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, युवाओं के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना, बोर्ड में समाज के योग्य प्रतिनिधियों को स्थान देना, भोजवाल समाज को सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग के रूप में उचित पहचान देने तथा राजनीतिक एवं संवैधानिक संस्थाओं में समाज का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।
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