बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुराना बेतवा घाट क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सब्जी और अन्य फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अचानक आई इस स्थिति से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग उठाई है।
पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्या से अवगत कराया। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो जाने से अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
फसल बर्बाद होने से बढ़ी किसानों की चिंता:
पुराना बेतवा घाट क्षेत्र के किसानों ने बताया कि नदी का पानी लगातार बढ़ने से खेत पूरी तरह डूब गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी की खेती करने वाले किसानों को हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से फसल सड़ने लगी है, जिससे किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि खेती के लिए उन्होंने उधार और कर्ज का सहारा लिया था। अब फसल खराब होने के बाद परिवार चलाने और कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। किसानों ने प्रशासन से जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है।
राजस्व टीम से सर्वे कराने की मांग:
प्रभावित किसानों ने लेखपाल और राजस्व विभाग की टीम से मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कराने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि जब तक सही तरीके से नुकसान का आकलन नहीं होगा, तब तक उन्हें उचित सहायता नहीं मिल पाएगी।
ज्ञापन में किसानों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जल्द निरीक्षण कराया जाए और नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि पीड़ित किसानों को राहत मिल सके।
आपदा राहत कोष से मुआवजे की मांग:
किसानों ने सरकार से आपदा राहत कोष के तहत आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी फसलें नष्ट हुई हैं, इसलिए सरकार को तत्काल राहत पैकेज जारी करना चाहिए।
किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देकर आर्थिक संकट से बाहर निकालने में मदद की जाए।
प्रशासन से त्वरित राहत की गुहार:
ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों ने कहा कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और खेती की अगली तैयारी करना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सहायता और जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम

