निर्माणाधीन बेतवा पुल (Betwa Bridge) हादसे के मामले में प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस प्रकरण में राज्य सेतु निगम (State Bridge Corporation) की ओर से पुल निर्माण कार्य में लगी कंपनी द शेल्टर (The Shelter) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हादसे के बाद से पूरे मामले को लेकर जांच और कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है, वहीं संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
मामले में दर्ज की गई यह पहली एफआईआर (FIR) मानी जा रही है, जिसके बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। घटना के बाद शासन स्तर से लेकर विभागीय स्तर तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर ने दर्ज कराया मुकदमा:
जानकारी के अनुसार, डीपीएम (Deputy Project Manager) दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने राज्य सेतु निगम (State Bridge Corporation) की ओर से निर्माण कार्य कर रही कंपनी द शेल्टर (The Shelter) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों को नामजद किया गया है।
हादसे के बाद दर्ज कराए गए इस मुकदमे को पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कंपनी मालिक और सुपरवाइजर नामजद:
दर्ज मुकदमे में द शेल्टर (The Shelter) के मालिक विजय प्रताप सिंह (Vijay Pratap Singh) और सुपरवाइजर नितेश सचान (Nitesh Sachan) को नामजद किया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 और 125(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शासन स्तर पर भी शुरू हुई कार्रवाई:
बेतवा पुल (Betwa Bridge) हादसे के बाद केवल निर्माण एजेंसी ही नहीं बल्कि विभागीय स्तर पर भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शासन स्तर से पहले ही डीपीएम (Deputy Project Manager) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मामले की जांच केवल एक पक्ष तक सीमित न रहकर सभी संबंधित स्तरों पर की जा रही है। अधिकारियों की भूमिका और कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है।
सहायक अभियंता हो चुके हैं निलंबित:
हादसे के बाद विभागीय कार्रवाई के तहत सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी (Gajendra Kumar Chaudhary) को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। विभागीय स्तर पर उठाए गए इस कदम को प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी की संभावना पर नजर:
मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार, नामजद आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्यों के परीक्षण की प्रक्रिया जारी है। जांच की प्रगति के आधार पर आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल बेतवा पुल (Betwa Bridge) हादसे को लेकर प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूरे मामले पर क्षेत्रीय स्तर से लेकर शासन स्तर तक नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम
