जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema-e-Hind) की उत्तर प्रदेश इकाई ने ईद-उल-अजहा को लेकर प्रदेशभर के मुसलमानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संगठन की ओर से जारी गाइडलाइन में कुर्बानी, नमाज और साफ-सफाई को लेकर कई महत्वपूर्ण अपीलें की गई हैं। यह दिशा-निर्देश जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद महमूद असद मदनी (Maulana Syed Mahmood Asad Madani) और यूपी अध्यक्ष मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी (Mufti Syed Mohammad Affan Mansoorpuri) के निर्देश पर जारी किए गए हैं।
कानपुर (Kanpur) में जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला कासमी (Maulana Aminul Haq Abdullah Qasmi) ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और कानून का पालन करते हुए मनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।
सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो डालने से बचने की अपील:
जमीयत की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कुर्बानी या जानवरों से जुड़ी किसी भी प्रकार की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न की जाए। संगठन का कहना है कि ऐसे पोस्ट से अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए लोगों से जिम्मेदारी और संयम के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है।
सिर्फ मस्जिद और ईदगाह में अदा हो नमाज:
मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला कासमी ने बताया कि गाइडलाइन में ईद-उल-अजहा की नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों के भीतर अदा करने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि सड़कों पर नमाज अदा करने से बचें और प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें। इसके साथ ही प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने और सभी कानूनी नियमों का पालन करने की अपील भी की गई है।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह:
जमीयत की ओर से लोगों से त्योहार के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि खून और गंदगी को नालियों में न बहाया जाए तथा कचरे का उचित तरीके से निस्तारण किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की गंदगी सड़कों पर न फैलाने की अपील की गई है।
शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील:
संगठन ने कहा है कि त्योहार इस तरह मनाया जाए जिससे किसी अन्य व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जमीयत ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बकरीद का पर्व पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाया जाए।
उकसावे की स्थिति में प्रशासन को दें सूचना:
मौलाना कासमी ने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करे या उकसावे की स्थिति पैदा करे तो लोग तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने जमीयत की जिला इकाइयों को भी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
कानूनी नियमों के पालन पर जोर:
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया है कि जानवरों की खरीद-फरोख्त और कुर्बानी के दौरान सभी कानूनी नियमों का पालन किया जाए। संगठन ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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