बरेली में “आई लव मोहम्मद” विवाद: 56 गिरफ्तार
रिपोर्ट: मोहम्मद वसीम
Bareilly: शहर में बीते शुक्रवार को “आई लव मोहम्मद” के नारे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा द्वारा ज्ञापन देने की योजना और प्रशासन की रोक के बीच टकराव ने हालात बिगाड़ दिए। इस झड़प में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए और अब तक कुल 56 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नमाज के बाद शुरू हुआ विवाद
मौलाना तौकीर रजा ने शुक्रवार की नमाज के बाद ज्ञापन देने का ऐलान किया था। प्रशासन ने धारा 163 बीएनएस लागू कर उन्हें नजरबंद कर दिया। इसके बावजूद भीड़ ने पुलिस की बात नहीं मानी और इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड जाने की जिद की। नो मेहला मस्जिद में इकट्ठा होने की कोशिश के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति काबू से बाहर हो गई।
पुलिस की सख्ती और लाठीचार्ज
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रशासन ने तत्काल सख्ती बरतते हुए मौलाना तौकीर रजा सहित 12 लोगों को जेल भेजा। इसके बाद लगातार जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ी और रविवार तक 15 लोग, सोमवार तक 29 आरोपी, और अब तक कुल 56 लोग जेल भेजे जा चुके हैं।
थानेवार मुकदमे और बरामदगी
थाना कोतवाली
थाना कोतवाली पुलिस ने इस घटना को लेकर अपराध संख्या 489/2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ लोक संपत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट भी शामिल है। इस मामले में मुस्तकीम, जफरुद्दीन, मोहम्मद इमरोज, मुसारीफ शेख, शमशेर रजा, मोहम्मद उवैश, राहिल, मोहम्मद साजिद, समीर, मोहम्मद जीशान, फैसल, तोहिद खान, फरमान और नदीम खाँ जैसे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक 12 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और सरकारी हैण्डसेट बरामद किया।
थाना बारादरी
थाना बारादरी पुलिस ने इस घटना से जुड़े दो मुकदमे दर्ज किए। पहला मुकदमा अपराध संख्या 1145/2025 में अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, नदीम समेत 14 नामजद और 100–150 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। आरोप है कि इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की, पथराव किया और ईंट-पत्थर तथा एसिड की बोतलों से हमला किया। इस दौरान पुलिसकर्मी सिद्धांत चौधरी गोली से घायल हुए और कई अन्य जवान पथराव तथा बोतल फेंकने से जख्मी हुए।
दूसरे मुकदमे अपराध संख्या 1146/2025 में 28 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप है कि उपद्रवियों ने हथियार, तख्तियां और एसिड की बोतल लेकर पुलिस पर हमला किया। घटनास्थल से फायर की गई कारतूस, पत्थर, टूटी हुई एसिड की बोतलें और चप्पलें बरामद हुई हैं। जांच में सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के आधार पर 12 और लोगों की पहचान कर गिरफ्तार किया गया।
प्रशासन और पुलिस का रुख
पुलिस ने कहा कि मौलाना तौकीर रजा और उनके समर्थकों ने प्रशासन की चेतावनी और रोक को नजरअंदाज किया। कई स्थानों पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, लेकिन समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाकर बड़े नुकसान को टाल दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और धार्मिक आस्था के नाम पर हिंसा फैलाने वालों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने शहर में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया है, उनके खिलाफ सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं और जल्द ही बाकी उपद्रवियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
शहर पर प्रभाव
यह घटना पूरे शहर को हिलाकर रख गई। नमाज के बाद शुरू हुआ विवाद अब बड़े कानूनी संकट में बदल चुका है। मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी और उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमे इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन इस बार किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। अब तक 56 लोगों का जेल जाना इस बात को दर्शाता है कि बरेली पुलिस और प्रशासन उपद्रवियों के खिलाफ पूरी तरह सख्ती बरतने के लिए तैयार है।