बलिया: सेंट जेवियर्स स्कूल में भव्य वार्षिकोत्सव, इसरो वैज्ञानिक ने छात्रों को किया प्रेरित

रिपोर्टर: अमित कुमार

उत्तर प्रदेश के बलिया (Ballia) जनपद स्थित सेंट जेवियर स्कूल धरहरा (St. Xavier School Dharhara) में वार्षिकोत्सव का आयोजन बड़े हर्षोल्लास और भव्यता के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम को स्कूल प्रबंधन ने विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप प्रदान किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और उपस्थित अभिभावकों व अतिथियों का मन मोह लिया।

A speaker addresses an audience on stage, wearing a blazer and holding a microphone. In the background, an emblem featuring a scale and the name 'Saint' is partially visible.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इसरो (ISRO) के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह उपस्थित रहे, जो चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन में प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका निभा चुके हैं। उनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व प्रदान किया।

“मेलोडी ऑफ कल्चर — संस्कृति की सरगम” थीम पर आधारित आयोजन:
इस वर्ष वार्षिकोत्सव की थीम “मेलोडी ऑफ कल्चर — संस्कृति की सरगम” रखी गई थी। इसी अवधारणा के अनुरूप विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को मंच पर जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि भारतीय परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता का संदेश भी दिया। उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन:
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अभिषेक सिंह ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने सरल शब्दों में यूनिवर्स की संरचना और अंतरिक्ष अनुसंधान के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर केवल इतिहास के पन्नों में सीमित नहीं है, बल्कि वह हमारे व्यवहार, संस्कार और संगीत में जीवंत रूप से उपस्थित रहती है।

उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय प्रबंधन का संदेश:
विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. अभिनव नाथ तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वार्षिकोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और संस्कारों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रतीक होते हैं और उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना का विकास करते हैं।

उन्होंने अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षकों और विद्यार्थियों के समर्पण की भी सराहना की गई।

समारोह के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर दिखाई दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा के साथ रचनात्मकता और संस्कृति का समन्वय ही वास्तविक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।



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