खनन लापरवाही पर कड़ा प्रहार: 7 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई

खनन कार्यों में लापरवाही और शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की गई है। इस क्रम में 04 ज्येष्ठ खान अधिकारियों सहित कुल 07 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। यह कदम राजस्व हितों की रक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

लापरवाही पर सात अधिकारियों पर कार्रवाई:
सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग Mala Srivastava ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें महबूब (तत्कालीन खान अधिकारी, Sonbhadra), जे.पी. द्विवेदी (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी), कमलेश कुमार राय (तत्कालीन खान अधिकारी), आशीष कुमार (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी), चन्द्र प्रकाश तिवारी, कमला शंकर उपाध्याय एवं सुनील कुमार (खनिज मोहर्रिर/लिपिक) शामिल हैं।

पुराने प्रकरण में सामने आई गंभीर चूक:
बताया गया कि यह कार्रवाई वर्ष 2017 में आवंटित चूना पत्थर की खदान के संचालन में हुई गंभीर लापरवाही के मामले में की गई है। निर्धारित नियमों के अनुसार इस खदान का संचालन वर्ष 2019 तक सुनिश्चित किया जाना था, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।

समयसीमा पालन में हुई बड़ी चूक:
जांच में यह भी सामने आया कि खदान संचालन को लेकर समयसीमा का पालन नहीं किया गया। साथ ही, समयावधि बढ़ाने के लिए जरूरी प्रस्ताव भी समय से शासन को नहीं भेजे गए, जिसके चलते खदान का संचालन बाधित रहा और राजस्व को संभावित नुकसान हुआ।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर:
सचिव एवं निदेशक Mala Srivastava ने स्पष्ट कहा कि खनन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि खदानों का संचालन पूरी पारदर्शिता, नियमों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से हो, जिससे संसाधनों का उचित उपयोग और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

मंडलायुक्त की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई:
यह कार्रवाई मण्डलायुक्त, Mirzapur द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और संस्तुति के आधार पर की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व हित सर्वोपरि, सख्ती जारी:
विभाग की ओर से यह भी दोहराया गया है कि शासकीय राजस्व के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

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