रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया (Ballia) के भीमपुरा थाना क्षेत्र के सेमरी इलाके में आयोजित महायज्ञ के दौरान अराजक तत्वों की सक्रियता का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यज्ञ स्थल पर लगातार हस्तक्षेप, कथित रूप से चंदा वसूली और सामान की लूट से साधु-संतों में गहरी नाराजगी है। इसी क्रम में कथावाचक अनुपानन्द जी महाराज, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के करीबी संत के रूप में भी जाना जाता है, ने जिला प्रशासन के पास पहुंचकर न्याय की मांग की। उनका कहना है कि यज्ञ का सामान, चंदा और धनराशि अराजक तत्वों द्वारा लूट ली गई और उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है।
महायज्ञ में अराजकता के बढ़ते मामले:
श्री भोज बाबा स्थान, मामपुर महादेवा कुटी में आयोजित नौ कुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ का उद्देश्य धार्मिक आस्था और शांति को बढ़ावा देना था। स्थानीय लोगों के आग्रह पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से साधु-संत पहुंचे। लेकिन आयोजन शुरू होते ही कुछ स्थानीय अराजक तत्वों ने हस्तक्षेप करते हुए यज्ञ स्थल पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया। अनुपानन्द जी महाराज के अनुसार, यज्ञ के नाम पर अवैध चंदा वसूली की गई और बाद में पूरे स्थल पर कब्जे की कोशिशें की गईं।
साधु-संतों पर दबाव और धमकी के आरोप:
अनुपानन्द जी महाराज ने बताया कि कार्यक्रम संचालित होना शुरू ही हुआ था कि अराजक तत्वों द्वारा बार-बार उन्हें परेशान किया जाने लगा। यहां तक कि जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। उनका आरोप है कि यज्ञ के दौरान जमा हुए चंदे की पूरी राशि पर कब्जा कर उसे रातों-रात गायब कर दिया गया। उनके अनुसार, पूर्व में भी कई साधु-संत यहां कार्यक्रम करने आए थे लेकिन उन्हें इसी प्रकार से प्रताड़ित कर स्थल से भगा दिया गया।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:
महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुपानन्द जी महाराज ने घटना की शिकायत पुलिस से भी की, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता के कारण अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। इसी के चलते उन्होंने बलिया (Ballia) के डीएम (DM) और एसपी (SP) से मिलकर न्याय की अपील की है।
मुख्यमंत्री से जुड़ी तस्वीरें चर्चा में:
इस मामले को लेकर एक तस्वीर भी चर्चा में है जिसमें अनुपानन्द जी महाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के माथे पर तिलक लगाते नजर आ रहे हैं। कई अवसरों पर वे मुख्यमंत्री के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में दिखाई देते रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा खुद को असुरक्षित बताया जाना और प्रशासनिक कार्यालयों में चक्कर लगाना स्थानीय स्तर पर गंभीर बहस का विषय बन गया है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ती चिंता:
अराजकता के बढ़ते मामलों से ग्रामीणों में भी चिंता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों में बाहरी हस्तक्षेप और दबंगई की वजह से माहौल बिगड़ रहा है। साधु-संतों ने यह भी कहा कि यदि ऐसी घटनाएं रुकवाई नहीं गईं तो धार्मिक आयोजनों की पवित्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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