उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) जिले में कक्षा एक की छात्रा रागिनी का जिलाधिकारी से किया गया मार्मिक अनुरोध सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। छात्रा ने अपनी परेशानी बताते हुए जिलाधिकारी से साइकिल या ट्राईसाइकिल दिलाने की अपील की है, ताकि वह नियमित रूप से विद्यालय जाकर अपनी पढ़ाई जारी रख सके। रागिनी ने कहा कि उसका एक पैर खराब हो चुका है और वह रोज पढ़ने जाना चाहती है।
यह मामला मनियर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दिघेडा से जुड़ा है। कक्षा एक में पढ़ने वाली रागिनी बचपन में हुई एक सड़क दुर्घटना के कारण पैर क्षतिग्रस्त होने से दिव्यांग हो गई। इसके बावजूद पढ़ाई के प्रति उसका उत्साह बना हुआ है। वह पढ़-लिखकर आईएएस बनने की इच्छा रखती है, लेकिन विद्यालय आने-जाने में उसे काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
स्कूल पहुंचने में होती है परेशानी:
रागिनी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसे स्कूल जाने में बहुत दिक्कत होती है। एक पैर के सहारे विद्यालय तक पहुंचना उसके लिए मुश्किल है। उसने जिलाधिकारी से साइकिल दिलाने की गुहार लगाई, ताकि वह आसानी से स्कूल आ-जा सके और अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
छात्रा ने अपनी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि उसके माता-पिता के पास साइकिल खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। इसी वजह से उसने जिलाधिकारी से मदद की अपील की। उसकी इसी मार्मिक अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आईएएस बनने का सपना देखती है रागिनी:
दिव्यांग होने के बावजूद रागिनी के भीतर पढ़ाई को लेकर उत्साह है। वह पढ़ाई जारी रखकर भविष्य में आईएएस बनने की इच्छा रखती है। विद्यालय आने-जाने में होने वाली परेशानी उसके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रागिनी की इच्छा है कि उसे ऐसा साधन मिल जाए, जिससे वह बिना ज्यादा परेशानी के रोज विद्यालय पहुंच सके। इसी उम्मीद के साथ उसने जिलाधिकारी से साइकिल या ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की।
डीएम ने तत्काल लिया संज्ञान:
रागिनी की अपील सामने आने के बाद बलिया (Ballia) के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि दिघेडा प्राथमिक विद्यालय की छात्रा के संबंध में सूचना प्राप्त होने के बाद दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और एक चिकित्सक को मौके पर भेजा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रा ऐसी स्थिति में नहीं है कि वह पैदल चल सके। इसी कारण अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजकर उसका उचित परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उसकी जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराया जा सके।
चिकित्सकीय जांच के बाद मिलेगा उपकरण:
मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि चिकित्सक की रिपोर्ट मिलने के बाद छात्रा को उसकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही तत्काल उसी दिन उपकरण देने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य छात्रा की आने-जाने की परेशानी को दूर करना है, ताकि वह विद्यालय पहुंचकर अपनी पढ़ाई जारी रख सके। जिलाधिकारी ने मामले में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
घर को भी योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन:
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि रागिनी की मदद केवल उसकी शैक्षिक जरूरत तक सीमित नहीं रहेगी। उसके घर में शौचालय सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से भी जोड़ने का काम किया जाएगा।
उन्होंने रागिनी को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, ताकि उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने में परेशानी न हो। प्रशासन की ओर से छात्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रागिनी की अपील से सामने आई जरूरत:
रागिनी की अपील ने यह सामने रखा कि दिव्यांग छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंचना भी कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। एक पैर से चलकर स्कूल पहुंचने वाली रागिनी पढ़ाई को लेकर उत्साहित है और आगे बढ़ना चाहती है।
अब जिलाधिकारी के निर्देश के बाद उसकी चिकित्सकीय जांच कर जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही परिवार को अन्य लाभकारी योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन भी दिया गया है।
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रिपोर्टर: अमित कुमार
