बलिया (Ballia) जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचे एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया। बताया गया कि ओम प्रकाश गुप्ता अपनी जमीन से जुड़े मामले में न्याय की गुहार लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में इधर-उधर घूमते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गए। घटना के बाद परिसर में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
जमीन विवाद में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे थे:
ओम प्रकाश गुप्ता का आरोप है कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद उनकी जमीन पर दबंगों द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर वह लगातार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे थे। इसी सिलसिले में वह अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी समस्या को लेकर इधर-उधर भटकते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े।
बेसुध होकर जमीन पर गिरने से मचा हड़कंप:
बताया गया कि तबीयत बिगड़ने के बाद ओम प्रकाश गुप्ता काफी देर तक जमीन पर बेसुध पड़े रहे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, उनकी हालत देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठाकर पास की टेबल पर लिटाया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की और एंबुलेंस को सूचना दी गई।
108 एंबुलेंस पहुंची, पुलिसकर्मियों ने पहुंचाया अस्पताल:
सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। आरोप है कि एंबुलेंस में तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए चिकित्सा कर्मी मौजूद नहीं था और स्ट्रेचर संभालने के लिए भी कोई व्यक्ति उपलब्ध नहीं था। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने खुद ओम प्रकाश गुप्ता को उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
जिला अस्पताल से वाराणसी किया गया रेफर:
जिला अस्पताल में ओम प्रकाश गुप्ता की हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। घटना के दौरान उनके साथ मौजूद बुजुर्ग परिजन भी काफी परेशान नजर आए। पूरे घटनाक्रम के दौरान परिजनों की बेबसी और चिंता सामने आती रही।
कलेक्ट्रेट में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पर सवाल:
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट में रोजाना दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और बीमार लोग भी शामिल होते हैं। ऐसे में अचानक किसी फरियादी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता की मांग:
इस घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर में आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। फरियादियों का कहना है कि जनता दर्शन और कार्यालय समय के दौरान प्राथमिक उपचार की सुविधा, आवश्यक दवाइयां, ओआरएस तथा आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहनी चाहिए। हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी खड़े किए सवाल:
कलेक्ट्रेट परिसर में फरियादी के अचानक बीमार पड़ने और बाद में जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाने की घटना ने प्रशासनिक परिसर के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि इस घटना पर जिला प्रशासन क्या संज्ञान लेता है और कलेक्ट्रेट परिसर में प्राथमिक उपचार तथा आपात चिकित्सा सहायता की व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
वायरल वीडियो को लेकर चर्चा:
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो भी प्रसारित होने की बात सामने आई है। वीडियो में फरियादी के जमीन पर पड़े होने और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाने की स्थिति दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। जमीन विवाद से जुड़े आरोपों और कलेक्ट्रेट परिसर में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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रिपोर्टर: अमित कुमार







