संवाददाता: सुनील सिंह
बलिया। जनपद अंतर्गत आदर्श नगर पंचायत मनियर के बहेरा नाले के किनारे बने शवदाह गृह जर्जर हो चुका है। यहां कभी भी हो सकती है गाजियाबाद की मुरादनगर जैसी घटना । बताते चलें कि विगत रविवार को गाजियाबाद नगर के मुरादनगर में आसमान के छत गिरने से शव जलाने गए करीब 25 लोगों की मौत मलबे में दबने के कारण हो गई थी। मनियर नगर पंचायत के बहेरा नाले के किनारे बने शवदाह गृह का कुछ हिस्सा जुलाई 2019 में बहेरा नाले में आई बाढ़ की वजह से धराशाई हो गया था । आज भी इसी खंडहर नुमा शवदाह गृह में शव जलाया जा रहा है। यहां मनियर नगर पंचायत सहित अगल बगल के गांव के लोग शव जलाने के लिए श्मशान घाट पर पहुंचते हैं। लगभग एक शव प्रतिदिन यहां जलाया जाता है। कभी-कभी दो तीन शव एक साथ पहुंच जाते हैं । सभासद प्रतिनिधि राजेश गुप्ता ने बताया कि शवदाह गृह को रिपेयरिंग किए जाने की मांग नगर पंचायत की बैठक में उठाई गई थी लेकिन इस पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस खंडहर नुमा शवदाह गृह में शव जलाना लोगों की मजबूरी है।
