देश के इन शहरों में आज भी बारिश की संभावना, जानें कहां कितना रहेगा तापमान

मई का महीना आमतौर पर भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार देशभर में मौसम का रुख बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। दिन में तेज धूप के बाद अचानक आसमान में बादल छा जाते हैं और कुछ ही समय में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाएं एक साथ देखने को मिल रही हैं। इस अस्थिर मौसम ने लोगों की दिनचर्या के साथ-साथ जनजीवन को भी प्रभावित किया है। मौसम विभाग (IMD) ने 5 मई के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है, जिसमें 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इससे पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।

अस्थिर मौसम का बदलता मिजाज:
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति सामान्य प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसकी तीव्रता और व्यापक प्रभाव जलवायु परिवर्तन की ओर भी संकेत कर रहे हैं। इस बार मौसम का असर केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर भारत (North India), पूर्वोत्तर भारत (North-East India) और दक्षिण भारत (South India) तक इसका प्रभाव देखा जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और स्थानीय मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण पूरे देश में मौसम अस्थिर बना हुआ है।

पिछले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव:
पिछले दो दिनों में कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, इसके साथ ही कई क्षेत्रों में नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं। ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलों को क्षति पहुंची है, जबकि बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि यह स्थिति अगले 24 से 48 घंटे तक बनी रह सकती है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम की स्थिति:
दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में मौसम ने तेजी से बदलाव दिखाया है। धूल भरी आंधी और बादलों के साथ हुई बारिश ने तापमान में गिरावट लाई है। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 5 मई को भी हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। हवा की गति सामान्य रूप से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, लेकिन आंधी के दौरान यह बढ़ सकती है। दूसरी ओर, वायु गुणवत्ता में सुधार होने से लोगों को राहत मिली है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मौसम लगातार बदल रहा है। मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जैसे शहरों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। यहां हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे नुकसान की आशंका भी है। तापमान में गिरावट जरूर आई है, लेकिन यह राहत अधिक समय तक टिकने की संभावना नहीं है।

बिहार और झारखंड में बढ़ी चिंता:
बिहार (Bihar) में मौसम को अधिक गंभीर माना जा रहा है। पटना, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। लोगों को खुले स्थानों में न जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। झारखंड (Jharkhand) में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखा जा सकता है, जिससे रांची, धनबाद और बोकारो जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अन्य राज्यों में मौसम का प्रभाव:
राजस्थान (Rajasthan) में मौसम ने राहत दी है। जहां पहले तेज गर्मी और लू का प्रभाव था, वहीं अब हल्की बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है, जहां बारिश और हवाओं ने मौसम को ठंडा कर दिया है।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की स्थिति:
उत्तराखंड (Uttarakhand), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी देखी जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत (North-East India) के असम (Assam), मेघालय (Meghalaya) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

दक्षिण भारत में मौसम का असर:
दक्षिण भारत (South India) के केरल (Kerala), कर्नाटक (Karnataka) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) में बारिश के कारण तापमान में हल्की गिरावट आई है, लेकिन उमस अभी भी बनी हुई है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप राहत और खतरे दोनों के संकेत दे रहा है। आने वाले दिनों में भी अस्थिर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है, ऐसे में लोगों को मौसम विभाग (IMD) की सलाह का पालन करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।


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