संवाददाता: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़। भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की जयंती पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा की ओर से विविध कार्यक्रमां का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम रिक्शा स्टैंड पर पहुंचकर महामना मालवीय और अटल बिहारी जी के चित्र के समक्ष लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बृजेश कुमार दुबे जाफरपुरी द्वारा जरूरतमंदों में वस्त्र और जैकेट, कंबल वितरित कराकर सद्भावना का परिचय दिया।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष बृजेश दुबे ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता के साथ-साथ आदर्श पुरुष थे। पंडित जी भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति थे जिन्हें महामना की सम्मानजनक उपाधि से अंलकृत किया गया। मालवीय जी सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम, देशभक्ति तथा आत्मत्याग में अद्वितीय थे।
प्रदेश महामंत्री गगनकांत दुबे ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का समूचा जीवन आदर्श पाठ है, उनके कार्य व्यवहार की मिसाल विपक्षी भी देते रहे, राजनीति में अज्ञातशुत्र की संज्ञा मिलना उनके सफल जीवन का परिचायक हैं, उनकी दूरदर्शिता के जरिये ही चतुर्दिक सड़कों का जाल के माध्यम से देश के विकास को गति दिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष जगदम्बा बाबा ने कहा कि दोनों विभूतियां देश के लिए गौरव है, उनके जीवनपथ का अनुसरण करना ही न्याय होगा।
इस अवसर पर सुनील, ईश्वर शरण मिश्र, अरूण सिंह साधू, सतीश पांडेय, विपुल पांडेय, उमाकांत मिश्र, वेदप्रकाश पांडेय, अरूण कुमार पाठक, कृपाशंकर पाठक, हलधर दुबे, गोविन्द शास्त्री, हरिकेश मिश्रा, पप्पू चतुर्वेदी, रंजन सहित आदि मौजूद रहे।

