संवाददाता: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़। प्रभु ईसा मसीह का जन्म दिन आज हर्षोल्लास और परपंरागत ढंग से मनाया गया। दीवानी कचहरी स्थित होली ट्रिनिट चर्च में प्रार्थना सभा की गई। फादर मोरीसन ने यीशु का संदेश पढ़कर सुनाया और अनुयायिओं को उनके मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। आजमगढ़ जिले में क्रिसमस डे पर ईसाई समुदाय के लोगों ने केक काटा, जिंगल बेल जिंगल बेल गीत गाए और एक दूसरे को यीशु के जन्मदिन की बधाई दी। चर्च को आकर्षक ढंग से बिजली के झालरों से सजाया गया है। मीठे मीठे पकवान बनाए। अपने दोस्तों और परिचितों के बीच प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन आज लोग मनायेगे। आकर्षक ढंग से सजाए गए चर्च में सुबह विशेष प्रार्थना सभा की गई। फादर मोरीसन ने अनुयायियों को प्रभु यीशु के जन्म और उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं को बताया। कहा कि उनका जन्म मानव कल्याण के लिए हुआ था। पाप और बुराई की दांसता में फसी मान जाति को मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु ईसा मसीह का जन्म हुआ। प्रेम, शांति, सेवा भाव, मेल मिलाप, क्षमा आदि सद्गुणों से सुसज्जित यीशु ने लोगों को सच्चा और मुक्ति का मार्ग दिखाया। क्रिसमस का पर्व सुख और शांति का संदेश देने वाला है। ईश्वर ने यीशु को धरा पर भेजकर इंसान को सच्चाई रास्ता दिखाया। एक दूसरे से प्रेम और भाईचारा निभाने के लिए प्रेरित किया। फादर ने लोगों से बुराइयों को दूर कर ईश्वर की ओर से दिखाए गए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।

