पहाड़ी-गुज्जर और बकरवाल को आरक्षण : शाह

स्पेशल रिपोर्ट | कश्मीर कि वादियाँ और कश्मीरियों पर अत्याचार, अमित शाह के तोहफे से होगा जन जन का उपचार. जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जहाँ कश्मीरियों में नयी उर्जा भरने का काम किया है, एक नए कश्मीर परिकल्पना को साकार करने के पथ पर सफलता हासिल कर रहे हैं तो वहीँ मंगलवार गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर को नया तोहफा दे दिया.

जी हाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर के राजोरी के जनसभा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदाय को आरक्षण दिए जाने की तैयारी है। इसे लेकर कमीशन ने अपनी सिफारिशें भेज दी हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा।

गृहमंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ प्रदेश में तीन परिवारों तक ही लोकतंत्र सीमित था, लेकिन अब इसमें तीन हजार से अधिक लोग सीधे शामिल हुए हैं। यहां पंचायतों तक लोकतंत्र पहुंचा है। इससे पहले उन्होंने पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की और मां भगवती से शांति और समृद्धि की कामना की। राजोरी में जनसभा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे।

जनसभा में क्या बोले अमित शाह-

  • तीन परिवार से तीस हजार लोगों को तक पहुंचा लोकतंत्र
  • धारा 370 हटाने से पिछड़े, दलित, आदिवासी, पहाड़ियों को उनका अधिकार मिला। 
  • सफाई कर्मचारियों के पास कोई अधिकार नहीं था। अब उन्हें उनका हक मिला है। 
  • यहां पर एससी/एसटी एट्रोसिटी एक्ट नहीं था, जो अब जाकर मिला है। 
  • महिलाओं को भी उनका अधिकार मिला है
  • पहले जो परिसीमन हुआ तो सिर्फ तीन परिवारों के फायदे के लिए, लेकिन इस बार आम जनता के लिए परिसीमन हुआ। सालों से लखनपूर में टोल टेक्स का बूथ लगा था, जिसे अब हटा दिया गया है। इसे समाप्त करके महंगाई को काबू में करने का काम किया है।
  • पहले आए दिन पथराव की घटना होती थी, लेकिन क्या अब आते हैं। अब युवाओं के हाथ से पत्थर लेकर लैपटॉप दिए गए हैं।
  • वो कहते थे धारा 370 हटाएंगे तो खून की नदियां बहेंगे, लेकिन आज की जनसभा उनको करारा जवाब है। 
  • जस्टिस शर्मा का कमीशन बना है। तीनों को आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री का मन है कि इसे सिफारिश को जल्द से जल्द लागू किया जाए। गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियों को आरक्षण मिलेगा।
  • पिछले 75 साल में 15 हजार करोड़ का औद्योगिक निवेश आया है, जबकि तीन साल में 56 हजार करोड़ का निवेश आया है।
  • जस्टिस जीडी शर्मा का कमीशन बना है। पहाड़ी, गुज्जर और बकरवाल को आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मन है कि प्रशासनिक कार्य पूरा कर इस सिफारिश को जल्द से जल्द लागू किया जाए। गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियों को आरक्षण मिलेगा।
  • कुछ लोग नहीं चाहते कि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे। उन्होंने गुज्जर-बकरवाल को उकसाना शुरू कर दिया कि पहाड़ी समुदाय के आने से उनका हिस्सा कम हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैं कहता हूं, पहाड़ी भी आएंगे और गुज्जर-बकरवाल का हिस्सा कम नहीं होगा।’ 

शाह मंगलवार की रात में ही श्रीनगर जाकर रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन पांच अक्तूबर को सुबह राजभवन में विकास कार्यों तथा कानून व्यवस्था की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा करेंगे। इसमें उप राज्यपाल के अलावा गृह मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

इसके बाद वे बारामुला जाकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में रैली को संबोधित करेंगे। शाम को शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही वक्फ बोर्ड की ओर से कैंसर अस्पताल का शिलान्यास करेंगे।

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