जायस पुलिस का कारनामा , पांच दिन बीत जाने के बाद भी नही दर्ज किया मुकदमा

संवाददाता: वीरेन्द्र सिंह

अमेठी। जायस जनपद की बहुचर्चित कोतवाली जायस पुलिस इन दिनों सुर्खियों में है तभी तो एक दलित परिवार हफ़्तों से न्याय के लिए दर दर भटक रहा है । बताते चले कि पांच दिन पूर्व कोतवाली जायस अंतर्गत बेहटा मुर्तजा में एक दलित परिवार को दबंगो ने पेड़ में बांध कर मारा पीटा था जिसमे पीड़ितों को गंभीर चोटें आई थी , सूचना पर पहुँची डायल 112 पुलिस ने किसी तरह दबंगो के चंगुल से बचाया , तब जाकर किसी तरह पीड़ित अपने घर पहुँचा । दूसरे दिन सुबह होने पर पीड़ित प्रार्थना पत्र लेकर कोतवाली जायस पहुँचा तो वहां स्थानीय पुलिस ने उल्टा पीड़ितों का ही शांति भंग में चालान कर दिया ।

बताते चले कि कोतवाली जायस अंतर्गत बेहटा मुर्तजा में ग्यारह तारीख की रात्रि में पीड़ित विनोद कुमार पुत्र शीतल , रामकुमार पुत्र रामबरन , धर्मराज पुत्र जीवनलाल ने बताया कि हम सभी लोग भूसा भरने का कार्य करते है जिसके संबंध में हम सभी उपरोक्त तारीख को शाहमऊ से अपनी गाड़ी डीसीएम से अपने घर ग्राम बरगदही मजरे लखापुर थाना नसीराबाद जनपद रायबरेली जा रहे थे लेकिन कासिमपुर हॉल्ट के पास रेलवे लाइन के दोहरीकरण होने से क्रासिंग बंद था जिसके बाद पीड़ित ने अपने घर से मोटरसाइकिल मंगवाया व सभी मजदूरों को बारी बारी से घर छोड़ रहा था , लेकिन बेहटा मुर्तजा के पास पहले से घात लगाकर बैठे बैजनाथ , रामसमुझ , सुरेन्द्र ने पीड़ितों के ऊपर हमला कर दिया तथा लाठी डंडों से मारकर पेड़ में बांध दिया , सूचना पर पहुची डायल 112 पुलिस ने दबंगो के चंगुल से सभी को छुड़वाया , जिसके बाद दूसरे दिन सभी पीड़ित कोतवाली जायस अपनी फरियाद सुनाने पहुचे तो स्थानीय पुलिस ने उल्टा उन्हें ही शांतिभंग करने के लिए धारा 151 में चालान करते हुए एसडीएम कोर्ट भेज दिया । उधर सभी दलित पीड़ित दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है अभी तक उनका मुकदमा नही लिखा गया है, सभी पीड़ितों का कहना है कि अगर उनको न्याय न मिला तो वह एसपी अमेठी का दरवाजा खटखटाएंगे ।

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