दिल्ली (Delhi) के मालवीय नगर (Malviya Nagar) में हुई घटना के बाद अलीगढ़ (Aligarh) में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फायर सेफ्टी विभाग सक्रिय हो गया है। सुरक्षा मानकों की जांच के लिए शहर के विभिन्न होटलों में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने होटलों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा संसाधनों और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच का उद्देश्य संभावित जोखिमों को चिन्हित करना और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना बताया गया।
दर्जन भर होटलों में चलाया गया अभियान:
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) के नेतृत्व में अलीगढ़ महानगर के करीब दर्जन भर होटलों की जांच की गई। अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर संचालित होटलों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों का सत्यापन किया गया।
अधिकारियों ने होटल परिसरों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेजों की भी समीक्षा की। जांच के दौरान होटल संचालकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया।
बन्नादेवी क्षेत्र के कई होटल जांच के दायरे में:
अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी (Bannadevi) क्षेत्र में स्थित सनराइज होटल (Sunrise Hotel), निवारी प्लेस (Niwari Place), पारस ज्योति (Paras Jyoti) सहित आधा दर्जन से अधिक होटलों में अधिकारियों की टीम पहुंची। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
फायर विभाग की टीम ने यह भी देखा कि आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं। जांच के दौरान कई बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की गई।
अधिकतर होटलों के पास नहीं मिली एनओसी:
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई होटलों के पास अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक एनओसी उपलब्ध नहीं थी। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की जांच की और जिन प्रतिष्ठानों में आवश्यक अनुमति नहीं मिली, उनकी सूची तैयार की गई।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि जिन होटलों के पास अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं पाई गई है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।
दिल्ली की घटना के बाद बढ़ी सतर्कता:
दिल्ली के मालवीय नगर में हुई घटना के बाद अलीगढ़ में फायर विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों और होटलों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की आशंका को कम किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी की जा रही है।
संकरी गलियों में संचालित हो रहे होटल चिंता का विषय:
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि शहर की कई संकरी गलियों में होटल संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
फायर विभाग का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन और आवश्यक अनुमतियों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी होटल में कोई अप्रिय घटना होती है तो वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा चुनौती बन सकती है। इसी कारण विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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रिपोर्टर: जेड ए खान

