अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, आजम खान से होगी मुलाकात

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को रामपुर पहुंचेंगे। यहां वे पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से उनके निजी आवास पर मुलाकात करेंगे। लंबे समय से इस मुलाकात का इंतजार किया जा रहा था। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सपा और आजम खान के बीच दूरियों की खबरें सुर्खियों में रही हैं।

जेल से रिहाई के बाद बदलते समीकरण

आजम खान 23 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहने के बाद 23 सितंबर को रिहा हुए। इसके बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की अटकलें शुरू हो गईं। खासकर आजम खान के बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में शामिल होने की चर्चाओं ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी। इसी बीच अखिलेश यादव का रामपुर दौरा एक नई दिशा में संकेत करता दिख रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश ने 8 अक्टूबर की तारीख इसलिए तय की है, क्योंकि 9 अक्टूबर को बीएसपी की एक बड़ी रैली प्रस्तावित है।

रणनीतिक समय पर मुलाकात

अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात आजम की रिहाई के ठीक 31 दिन बाद और बीएसपी की रैली से एक दिन पहले होने जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सपा अध्यक्ष का विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। वहीं, आजम खान ने भी हाल में साफ किया कि वे सपा के साथ हैं और बीएसपी में जाने की अटकलें निराधार हैं।

आजम खान का अंदाज बरकरार

रामपुर लौटने के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत में अपने पुराने अंदाज का परिचय दिया। अखिलेश यादव से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा, “अब आग न लगाइए।” फोन पर संपर्क के बारे में पूछने पर मजाकिया लहजे में बोले कि जेल में रहने से मोबाइल चलाना तक भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी दुनिया में सिर्फ अपनी पत्नी का नंबर याद था, वह भी अब याद नहीं रहा।

केस वापसी और भविष्य की राजनीति

सपा की ओर से किए गए वादे पर भी आजम खान ने प्रतिक्रिया दी। जब पूछा गया कि अखिलेश ने कहा है कि सरकार बनने पर उनके मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे, तो आजम ने कहा कि शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। 2027 में सरकार बनने की भविष्यवाणी वे नहीं कर सकते। लखनऊ में अखिलेश ने कहा था कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर आजम खान पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे।

बीएसपी में जाने की अटकलों पर जवाब

बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने के सवाल पर आजम खान ने कहा कि उनके पास चरित्र है और वे “बिकाऊ माल” नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा लोगों के प्यार और इज्जत को महत्व दिया है। एसटी हसन का टिकट कटवाने की चर्चा पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इतनी हैसियत नहीं कि किसी का टिकट कटवा सकें।

रिहाई के बाद स्वागत

23 सितंबर को जेल से रिहाई के बाद जब आजम खान रामपुर पहुंचे, तो उनका स्वागत देखने लायक था। उन्होंने सबसे पहले घर जाकर पत्नी तंजीन फातिमा और बच्चों को गले लगाया। समर्थकों की भारी भीड़ उनके घर के बाहर उमड़ पड़ी। बताया गया कि करीब 8-10 हजार लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे।

भीड़ और समर्थकों का जुनून

आजम खान के काफिले के रामपुर पहुंचते ही समर्थक उनसे मिलने के लिए उमड़ पड़े। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वे केवल कुछ मिनट के लिए ही बाहर आ सके। शाम को भी वे महज कुछ सेकेंड के लिए घर से बाहर निकले। समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्हें वापस अंदर जाना पड़ा।

रातभर इंतजार में डटे रहे समर्थक

आजम खान के अमरोहा से आए कुछ समर्थकों को उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बावजूद वे उनके घर के बाहर धरने पर बैठ गए और रातभर वहीं डटे रहे। उनका कहना था कि बिना मुलाकात किए वे वापस नहीं जाएंगे।

सियासी दृष्टि से अहम संकेत

अखिलेश यादव का यह दौरा केवल आजम खान के स्वास्थ्य और हालचाल जानने तक सीमित नहीं माना जा रहा। यह कदम सपा और आजम खान के रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, यह बीएसपी की बढ़ती सक्रियता के बीच सपा के लिए एक रणनीतिक कदम भी है।

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