डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणा से मोहनलालगंज स्थित अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (Ambalika Institute of Management and Technology [AIMT], Mohanlalganj [Lucknow]) में पर्यावरण जागरूकता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन एनवायरनमेंट वॉरियर्स – द गार्जियंस ऑफ द ग्रीन के तत्वावधान में हुआ। प्रतियोगिता में 20 महाविद्यालयों के कुल 85 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रामेश्वर सिंह की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन को विशेष गरिमा मिली।

प्रतियोगिता में युवाओं की सक्रिय भागीदारी:
इस क्विज प्रतियोगिता में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े विषयों पर अपनी जानकारी प्रस्तुत की। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
विजेताओं को मिलेगा आकर्षक पुरस्कार:
प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः ₹1,00,000, ₹50,000 और ₹25,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह सम्मान 22 फरवरी 2026 को आयोजित मुख्य कार्यक्रम “युवा उत्सव 2.0 @ नेट-जीरो सरोजनीनगर” (Yuva Utsav 2.0 @ Net-Zero Sarojininagar [Lucknow]) में दिया जाएगा। इस अवसर पर संजय दत्त और डॉ. राजेश्वर सिंह विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे। आयोजन को युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश:
अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रकृति संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को समय के सदुपयोग और मानसिक व शारीरिक सजगता का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि जैसे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और संघ लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन जरूरी है, वैसे ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयास आवश्यक है।
उन्होंने पृथ्वी अति-उपभोग दिवस का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1972 में यह वर्ष के अंत में आता था, जबकि 2025 तक यह जुलाई-अगस्त में पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि संसाधनों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। उन्होंने पिछले सौ वर्षों में वैश्विक तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस वृद्धि और लखनऊ में बीते दो दशकों में भूमिगत जलस्तर में 20 मीटर से अधिक गिरावट को गंभीर चिंता का विषय बताया।

इन संस्थानों की रही सहभागिता:
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान (Uttar Pradesh State Forensic Science Institute [Daroga Khera]), डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (Dr. Bhimrao Ambedkar University [Raebareli Road]), डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University [Para]), सरस्वती मेडिकल कॉलेज (Saraswati Medical College [Unnao]), मॉडर्न गर्ल्स कॉलेज, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, महाराणा प्रताप समूह संस्थान (Maharana Pratap Group of Institutions [Banthra]), नोवा शेखर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सेइको कॉलेज ऑफ फार्मेसी, आर्यकुल समूह महाविद्यालय, एंकराइट इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसकेडी डिग्री कॉलेज, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज, आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, स्वामी विवेकानंद गर्ल्स डिग्री कॉलेज, अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, एआईपीएस तथा अंबिकेश्वर समूह संस्थान (BKT [Lucknow]) के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

आयोजन टीम को शुभकामनाएं:
कार्यक्रम की सफलता के लिए अम्बिका मिश्रा, डॉ. श्वेता द्विवेदी, नंदजा मिश्रा, अमृतांशु शेखर आजाद और अंबालिका टीम के साथ एनवायरनमेंट वॉरियर्स टीम को बधाई दी गई। आयोजन का समापन “प्रकृति भी हमारी, लोकतंत्र भी हमारा” के संकल्प के साथ किया गया।
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