February 27, 2026

Video: केजरीवाल के बरी होने के बाद गरजे आसिम वकार, BJP पर लगाए कई गंभीर आरोप

लखनऊ (Lucknow) में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen-AIMIM) के प्रवक्ता आसिम वकार (Asim Waqar) ने हालिया घटनाक्रम पर बयान जारी करते हुए अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में दोनों नेताओं का नाम सामने आया, उसके बाद आए घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए हैं। आसिम वकार ने दावा किया कि केजरीवाल और सिसोदिया को गलत तरीके से फंसाया गया था और अब सच्चाई सामने आ रही है।

केजरीवाल और सिसोदिया को बधाई:
आसिम वकार ने अपने बयान में कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को मौजूदा स्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहने के लिए बधाई दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक माहौल में कई बार आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनती है, लेकिन अंततः तथ्य और न्याय की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जिन पर आरोप लगाए गए, उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

क्रिमिनल अकाउंटेबिलिटी लॉ की मांग:
एआईएमआईएम (AIMIM) प्रवक्ता ने एक नया कानून बनाने की मांग उठाई, जिसे उन्होंने ‘क्रिमिनल अकाउंटेबिलिटी लॉ’ का नाम दिया। उनके अनुसार, यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से जेल भेजा जाता है और बाद में वह निर्दोष साबित होता है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें जांच और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष को अनावश्यक कानूनी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

निर्दोष को जेल भेजने वालों पर कार्रवाई की मांग:
आसिम वकार ने कहा कि यदि यह सिद्ध हो जाए कि किसी को जानबूझकर फंसाया गया या बिना पर्याप्त आधार के जेल भेजा गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में नौकरी तक जाने जैसी कठोर व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम निर्णय न्यायालय और सक्षम प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में होता है।

फंसाए जाने का आरोप:
प्रवक्ता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को एक साजिश के तहत फंसाया गया था। उनका कहना है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौर में आरोपों का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी आरोप की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है।

शंकराचार्य के खिलाफ साजिश का दावा:
आसिम वकार ने अपने बयान में यह भी कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ भी साजिश की जा रही है। उन्होंने इस विषय में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि धार्मिक और सामाजिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को भी विवादों में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और बिना ठोस प्रमाण किसी की छवि धूमिल नहीं की जानी चाहिए।

लखनऊ में दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगा।


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