रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद अफजाल अंसारी ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने धार्मिक, राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों को लेकर बयान देते हुए कई सवाल खड़े किए। साथ ही अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई और कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात कर जानकारी दी है। अंसारी के बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर प्रतिक्रिया:
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Avimukteshwaranand Saraswati) से जुड़े मामले पर अफजाल अंसारी ने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें आगे आकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अपने शासनकाल में जब दुर्व्यवहार की बात सामने आई थी, तब अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। अंसारी ने कहा कि शंकराचार्य एक संत हैं और संत किसी को श्राप नहीं देते, इसलिए उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग:
अफजाल अंसारी ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि शेर को राष्ट्रीय पशु और मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया जा सकता है, तो गाय को राष्ट्र माता घोषित करने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार यह मुद्दा आस्था और परंपरा से जुड़ा है, जिस पर व्यापक स्तर पर संवाद होना चाहिए।
हलाल उत्पादों और निर्यात पर टिप्पणी:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के हलाल लिखे खाद्य पदार्थों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ओमान (Oman) से हलाल का प्रोफार्मा लेकर आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश बीफ निर्यात के मामले में ब्राजील (Brazil) को पीछे छोड़ चुका है। अंसारी ने इन तथ्यों का हवाला देते हुए मौजूदा बयानों पर सवाल उठाए और कहा कि नीतियों और बयानों में स्पष्टता होनी चाहिए।
संविधान और सनातन धर्म को लेकर चिंता:
अफजाल अंसारी ने कहा कि देश में एक ओर संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म का अपमान भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि समाज में संतुलन और आपसी सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ मामले पर आरोप:
वाराणसी (Varanasi) के मणिकर्णिका घाट से जुड़े तोड़फोड़ के मामले पर अंसारी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वाराणसी के अधिकारियों ने इस मामले में मुख्यमंत्री को गुमराह किया है। अफजाल अंसारी का आरोप है कि अधिकारियों ने यह कहकर भ्रम फैलाया कि सामने आया वीडियो एआई जनरेटेड था, जबकि सच्चाई कुछ और है।
डिप्टी सीएम के बयान पर पलटवार:
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) द्वारा समाजवादी पार्टी और मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान पर अफजाल अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के पास बोलने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। अंसारी ने कहा कि पाठक को जन सरोकारों और अपने विभाग से जुड़े कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, न कि इस तरह के बयानों पर।
जान को खतरे की आशंका:
अफजाल अंसारी ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार घेरने की कोशिश की जा रही है और कई स्रोतों से जानकारी मिली है कि उनकी जान को खतरा है। अंसारी के अनुसार, उन्होंने इस पूरे मामले की सूचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को व्यक्तिगत रूप से दी है ताकि उचित कदम उठाए जा सकें।
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