रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया (Balia) जिले के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के बजहा गांव से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जिसमें अक्षेवर नाथ तिवारी नटवरलाल पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के ज़रिए मृतक की ज़मीन को अपने नाम कर लिया। इस फर्जीवाड़े में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल होने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का खेल:
अभियुक्त अक्षेवर नाथ तिवारी नटवरलाल पर आरोप है कि उन्होंने कई वर्षों पहले मृतक की ज़मीन के कागजात में बदलाव किया और विभागीय कर्मचारियों की मदद से करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम करवा ली। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्हें इस घोटाले की जानकारी हुई, तो उन्होंने जिलाधिकारी बलिया से मिलकर अपनी आपबीती बताई और आरोपियों के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी की त्वरित जांच:
जिलाधिकारी बलिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में पांच कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पहलुओं की गहन जाँच की जाए और दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए।
FIR दर्ज और कार्रवाई:
इस प्रकरण में बलिया शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी अक्षेवर तिवारी के साथ बलिया तहसील के सरकारी कर्मचारी शाहिद खान का नाम भी आरोपियों में शामिल है। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया गया है जबकि अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सभी संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
संपत्ति हड़पने की पैठ:
अधिकारियों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में मृतक की ज़मीन की कुल कीमत करोड़ों में थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले कई वर्षों से छुपे हुए हैं और आम जनता को इसका पता नहीं चलता। प्रशासन इस घोटाले को उजागर कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
जांच की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई:
जिलाधिकारी बलिया की निगरानी में चल रही जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जांच टीम ने कहा कि सभी दस्तावेजों और विभागीय प्रक्रियाओं की पूरी तरह पड़ताल की जाएगी। दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ ज़मीन के असली मालिकों को न्याय दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
बजहा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन की जांच को स्वागत योग्य बताया। उनका कहना है कि इस तरह के मामले समुदाय में असुरक्षा और विश्वासघात की भावना पैदा करते हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि दोषियों को तुरंत सज़ा मिले और पीड़ितों को उनका हक वापस मिले।
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