सैदपुर। कोरोना महामारी के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की कहीं पर लोग सराहना कर रहे हैं तो कहीं पर सवालिया निशान भी उठा रहे हैं। हुआ ये कि बीते 23 जून को जिले से कोरोना संक्रमितों की सूची में भिखईपुर गांव निवासिनी एक महिला को भी कोरोना का मरीज घोषित किया गया था। रिपोर्ट आने के बाद गांव को हॉट स्पॉट घोषित कर उसे सील कर दिया गया। साथ ही महिला को उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया।
महिला के घर में पति के अलावा एक दो वर्षीय मासूम दुधमुंही बच्ची भी है। लेकिन कोरोना के साथ ही हॉट स्पॉट में सब कुछ सील होने व लोगों की डांट सुनने के डर से पति न तो बाहर निकल पा रहा था और ना ही आसपास के लोग उसके घर के नजदीक जा रहे थे। जिसके बाद अपनी दुधमुंही बच्ची को भूख से तड़पता देख व घर में राशन इत्यादि आवश्यक सामग्री न होने पर शनिवार की शाम उक्त व्यक्ति ने भितरी चैकी इंचार्ज राकेश त्रिपाठी को फोन कर अपनी समस्या सुनाई। समस्या का पता चलते ही चैकी इंचार्ज ने तत्काल वहां पर राशन व दूध भिजवाया। जिसके बाद लोगों द्वारा चैकी इंचार्ज व स्थानीय पुलिस की खूब सराहना की जा रही है।