बाबा अंबेडकर अनन्य कोटि के नेता: नदीम अधमी

गाज़ीपुर।

देशभर में आज संविधान के निर्माता बाबा साहेब बीआर अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है. 31 मार्च 1990 को उन्हें मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. उन्होंने ना सिर्फ आजादी की लड़ाई में ना सिर्फ एक अहम भूमिका निभाई बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए संविधान निर्माण की भी जिम्मेदारी उठाई. हर साल उनकी जयंती को धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है.

14 अप्रैल 1891 में जन्मे बाबा साहेब की इस साल 130वीं जयंती मनाई जा रही है. आपको बता दें, डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के दिन सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया गया है. उन्होंने देश से जाति प्रथा और समाज में कुव्यवस्था को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी. उनका मानना था कि सभी जाति के लोगों को एक जैसा अधिकार मिलना चाहिए ताकि आगे चलकर किसी भी प्रकार भेदभाव ना हो.

इसी क्रम में जनपद गाजीपुर के प्रतिष्ठित विद्यालय शाह फैज पब्लिक स्कूल के प्रांगण में बाबा भीमराव अंबेडकर जी का 131 वां जन्म दिवस मनाया गया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन किया गया।

इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम बाबा साहब की प्रतिमा पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक राजेश सिंह ने माल्यार्पण किया तत्पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्य तशनीम कौशर ने बाबा साहब के समाज के लिए किए गए योगदान पर चर्चा की। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने अपने संदेश में कहा कि “डॉ आंबेडकर एक अनन्य कोटि के नेता थे जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में उत्सर्ग कर दिया।”

इस कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक प्रमोद सिंह, रत्नेश शुक्ला, संतोष तिवारी, आशुतोष, वसीम अहमद आदि उपस्थित रहे एवं कर्मचारियों में ताबिश कमर व अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ प्रीति उपाध्याय ने किया।

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