विश्वजीत मिश्रा की रिपोर्ट
वाराणसी । बिहार के कैमूर जिलान्तर्गत रामगढ़ थाना क्षेत्र के एक गाँव की 5 किशोरियां जिनकी उम्र लगभग 14 से 15 साल है वे शुक्रवार को वाराणसी के कैंट स्टेशन पर जीआरपी को मिली। पूछताछ में पता चला कि मैट्रिक की परीक्षा में खराब नंबर आया था, परिवार के लोगों ने खराब नंबर आने पर डांटा।
परिवार के लोगों से डांट सुनने के बाद पांचों सहेलियों ने आपस में बैठकर विचार करने के पश्चात तय किया कि, अब घर के लोग आगे पढ़ायेंगे नहीं। फिर क्यों न मुंबई चलकर फिल्मों में किस्मत आजमायी जाये। इसके बाद पांचों ने अपने-अपने घरों से कपड़े व पैसे लेकर निकल पड़ीं मायानगरी की ओर! लोकल ट्रेन से वे वाराणसी पहुंची, जहां से वे मुंबई जाने वाली ट्रेन पकड़ने वाली थीं। लेकिन तभी पुलिस की नजर उन पर पड़ गयी।
जीआरपी कैंट इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि उप निरीक्षक कमलेश यादव, हेड कांस्टेबल दिलीप यादव, शैलेंद्र प्रताप सिंह, आरपीएफ की महिला सिपाही सुमन गश्त कर रही थीं।
तभी मुख्य हाल में पांचों लड़कियां आईं। सभी इधर-उधर भटक रही थीं। इनकी गतिविधियों को देख उन्हें बुलाया गया। साथ में किसी अभिभावक के न होने पर सभी को थाने लाया गया।
पूछताछ में पता चला कि सभी मुंबई जाने के लिए निकली हैं। वहां फिल्म में काम करने की इच्छा जाहिर करते हुए बताया कि, हाईस्कूल में नंबर कम आया तो परिजनों ने उन्हें डांटा था। उसके बाद ये तय किया था कि वे सभी आगे नहीं पढ़ेंगी। पुलिस ने उनके परिजनों से संपर्क कर वाराणसी बुलाया और सभी को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

