गाजीपुर। मुहम्मदाबाद की भाजपा विधायक व स्व. कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा को एक बार फिर पत्र लिखा है। इस बार उन्होंने पंजाब के साथ-साथ राजस्थान की भी कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार मुख्तार को और राजस्थान सरकार मुख्तार अंसारी के इनामी बेटे अब्बास को संरक्षण दे रही है। सरकार के संरक्षण में ही उसके बेटे का बीते दिनों राजस्थान में धूमधाम से निकाह कराया गया। आपको बता दें कि बीते 30 जनवरी को प्रियंका वाड्रा को सम्बोधित पत्र में विधायक अलका राय लिखा है कि मुझे शोक के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके नेतृत्व में पंजाब और राजस्थान की सरकार ने मेरे पति के हत्यारे कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी और उसके इनामी बेटे अब्बास अंसारी को राज्य अतिथि का दर्जा दे रखा है। इसका प्रमाण है अखबार में छपी तस्वीरें है, जिससे स्पष्ट है कि सरकारी संरक्षण में राजस्थान सरकार ने मुख्तार के बेटे अब्बास की धूमधाम से शादी कराई।
ये तस्वीरें देखकर मुझे और मेरे परिवार को काफी कष्ट हुआ। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की अदालतों में वांछित अपराधी मुख्तार अंसारी को लाने के लिए 32 बार अपने वाहन भेज चुके हैं, लेकिन आप और आपकी पंजाब सरकार मुख्तार को बचाने में लगी है। एक महिला होने के नाते मुझे उम्मीद थी कि आप मेरे दर्द को समझेंगी। आप आएदिन अपराध और अपराधियों के खिलाफ दावे करती रहती हैं, लेकिन इंसाफ मांग रही मुझ जैसी अनेक पीड़िताओं के एक भी पत्र का ना तो आपने जवाब देना उचित समझा और न ही हमें इंसाफ दिलाने की कोशिश की। इससे यह बात स्पष्ट है कि आप और आपकी सरकार पूरी तरह मुख्तार और उसके अपराध के पीछे खड़ी हैं। आपके जवाब का इंतजार रहेगा। मालूम हो कि बीते 28 अक्तूबर को भी विधायक अलका ने प्रियंका गांधी को पत्र लिखा था।
पत्र में उन्होंने लिखा था कि मेरा नाम अलका राय है। मैं विधवा हूं और विगत 14 वर्षों से मैं अपने पति व लोकप्रिय विधायक स्व. कृष्णानंद राय जी की नृशंस हत्या के विरुद्ध इंसाफ की लड़ाई लड़ रही हूं। उस जुल्मी के खिलाफ जिसे आज आपकी पार्टी और पंजाब राज्य में आपकी सरकार खुला संरक्षण दे रही है। उत्तर प्रदेश की तमाम अदालतों में मुख्तार अंसारी को तलब किय जा रहा है, लेकिन पंजाब सरकार उसे उत्तर प्रदेश भेजने को तैयार नहीं है। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर मुझे और मुझ जैसे सैकड़ों लोगों को इंसाफ से वंचित किया जा रहा है।