NO SCHOOL,NO FEE

“नो स्कूल नो फीस” को लेकर बुलंद हुई आवाज, अभिभावको को मिल सकती है; राहत

“नो स्कूल नो फीस” को लेकर डीएम के नाम सौपा; ज्ञापन

ग़ाज़ीपुर। अभिभावकों की तरफ से युवा समाजसेवी अभिनव सिंह और आरिफ़ खान ने “नो स्कूल-नो फीस” अभियान को लेकर डीएम के प्रतिनिधि को ज्ञापन देते हुए। कहा कि हक की लड़ाई हम लड़ते रहेंगे। औऱ अपनी आवाज बुलंद की। इनके साथ कई अभिभावक भी मौजूद थे।

इनका कहना है कि विद्यालयों के बन्द होने के साथ-साथ हम अभिभावकों का रोजगार भी लॉकडाउन में बन्द रहा तथा इतना काफी आर्थिक क्षति हुआ कि अब तक हम आम जनमानस सही दिशा पर नहीं आ सकें, ऊपर से विद्यालय में बच्चो से पूरी माह का फीस मांगने का प्रयास किया जा रहा है ऐसे में हम सभी अभिभावक लोग अभी आर्थिक रूप से सम्भल भी नहीं पाए है, फिर हम अपने बच्चों का फीस किस तरह देंगे जबकि विद्यालय लगभग सात माह से अब तक बन्द रहे हैं और हमारे पास इन्टरनेट से पढ़ने की व्यवस्था नहीं है। जनपद में इस बात की चर्चा है कि पड़ोस के जिले में फीस माफी कि चर्चा जोरो पर चल रहा है।

जिलाधिकारी को सम्बोधित करते हुए इन्होने कजा कि हम जनपदवासियों की अपेक्षा है कि आप अपने स्तर से विद्यालयों को आदेशित करें की विगत लॉकडाउन की परिस्थितियों को देखते हुए हर अभिभावक आर्थिक रूप से डवाडोल रोजगारपस्त होने के कारण अभी भी संभल नहीं पाया है, इन परिस्थितियों में अभिभावक बच्चों का फीस देने में अपने आप को असमर्थ पा रहा है जबकि सात माह से हमारा बच्चा विद्यालय में एक दिन भी शिक्षा ग्रहण करने नहीं गया फिर पूरी फीस मांगने का कैसा दबाव।

इन्होने आगे कहा कि “नो स्कूल-नो फीस” के लिए अभिनव सिंह एवं आरिफ खान के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसका व्यापक असर प्रदेश स्तर तक हुआ और सभी अभिभावकगणों एवं आमजनों के दबाव स्वरूप उप-मुख्यमंत्री सह शिक्षामंत्री दिनेश शर्मा जी ने निर्देश दिया की कोई भी निजी विद्यालय कोरोना काल के दौरान किसी भी अभिभावक को पेंशन ना करे। तथा प्रशासन को इसके स्वरूप दिशा निर्देश दिए गए थे, परंतु धरातल पर माननीय उपमुख्यमंत्री का दिशा निर्देश नगण्य साबित होता दिख रहा हैं। आम जनमानस की पीड़ा को समझते हुए आप हमारी आर्थिक रूप से रक्षा करने का कृपा करें ।

इस दौरान अभिनव सिंह, आरिफ खान, सुखपाल यादव, अभिषेक चौरसिया, राकेश यादव, हरकेश यादव आदि मौजुद थे।

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