लखनऊ। वह शख्स जो अपने दूध मुहे बच्चे को देख ना सका। वह शख्स जिसके मासूम बच्चे से उसकी मां भी दूर हो गई। नई-नई शादी हुई थी साल भर से ज्यादा का ही समय बिता था और पति-पत्नी-मासूम, तीनों बिछड़ गए। बात हो रही है मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे और मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी की। अब्बास के ऊपर कोई हत्या, चोरी या डकैती का मुकदमा नहीं था। एक मामला था जिसमें अब्बास अंसारी चित्रकूट की जेल में थे। बताया जाता है कि उनकी पत्नी उनसे मिलने जेल में जाती थी लेकिन उन पर आरोप लगा कि उन दोनों ने गैरकानूनी तरीका अपनाया। फिर क्या था अब्बास पहले से ही जेल में थे, पत्नी को भी जेल में डाला गया और मासूम को घर भेज दिया गया। अभी तो नई-नई शादी हुई थी, साल भर ही बीता था, गोद में बच्चा था और इस एक घटना से वह तीनो बिछड़ गए। अपनों से दूर होने के दर्द को अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी ही महसूस कर सकते हैं। खैर मामला कानूनी है और कानून तो अपना काम करेगा ही।
अब्बास अंसारी के पिता मुख्तार अंसारी मऊ सदर से कई बार विधायक थे। आधी जिंदगी जेल में ही गुजरी और जेल में ही खत्म हो गई। कहते हैं कि राजनीति में इतनी रणनीति है कि उसकी नीति को समझने के लिए इंसानियत को भी किनारे रखना पड़ता है। कुछ अपुष्ट लोग कहते हैं कि अब्बास अंसारी को जेल अमानत में मिली है और अब उन्हें जमानत मिली है।
मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी को दो साल, एक माह और छह दिन बाद कासगंज के जिला जेल पचलाना से शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। अब्बास की रिहाई चित्रकूट के गैंगस्टर न्यायालय से जमानत मिलने के बाद की गई। जिला जेल में रिहाई का आदेश पहुंचने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अब्बास की हाई सिक्योरिटी बैरक में सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी। चित्रकूट की जेल में बंद अब्बास अंसारी को कासगंज जेल में स्थानांतरित करने का आदेश शासन से 14 फरवरी 2023 को जारी हुआ था। जिसके अगले दिन उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ जेल में स्थानांतरित किया गया था।
क्या था पूरा मामला? :
आरोप था कि चित्रकूट के रगौली जेल में बंद सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी से जेल में पत्नी निखत बेरोकटोक मिला करती थी। डीएम और एसपी ने 11 अगस्त 2023 को दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया था। इस पर जेल अधीक्षक सहित चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। कैंटीन संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ जेल में गैर कानूनी तरीके से मिलने मिलाने का मुकदमा दर्ज हुआ था।
क्या है जमानत की शर्तें?
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत की शतों के तहत उन्हें लखनऊ स्थित विधायक निवास पर रहने का आदेश दिया है। अब चर्चा है कि वह अपने पिता मुख्तार की पहली बरसी पर 28 मार्च को गाजीपुर फातिहा पढ़ने जाएंगे या नहीं।