दिल्ली (New Delhi) की अदालत के हालिया फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य नेता ईमानदारी के साथ कार्य करते रहे हैं। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण परिणति बताया।
संजय सिंह का बयान:
संजय सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनके आधार पर पार्टी नेतृत्व को घेरा जा रहा था। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के उद्देश्य से राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया था, जो अब सफल नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी:
बयान में संजय सिंह ने कहा कि यदि नैतिक आधार पर विचार किया जाए तो संबंधित पक्षों को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने सभी चुनौतियों का सामना लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर किया है। पार्टी नेतृत्व ने हर परिस्थिति में अपने रुख को बनाए रखा और आगे भी लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत संघर्ष जारी रखने की बात कही।
न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान:
अदालत के फैसले के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हालांकि सभी पक्षों ने न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने की बात कही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बयानबाज़ी और तेज हो सकती है, लेकिन अंतिम रूप से सभी को संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों का पालन करना होगा।
लोकतांत्रिक मर्यादा पर जोर:
संजय सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर रहकर कार्य करेगी। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखने की अपील की। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल में नई बहस की शुरुआत हो गई है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#AAP #SanjaySingh #DelhiPolitics #CourtVerdict

