भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति को लेकर भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बड़ा संदेश दिया। जयपुर (Jaipur) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान में मौजूद कोई भी आतंकवादी ठिकाना अब सुरक्षित नहीं है। सेना ने कहा कि यह अभियान अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत थी और भारत आतंकवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई करता रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:
जयपुर (Jaipur) में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी रणनीति, कार्रवाई और उसके परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी।
ऑपरेशन में आतंकियों और पाक जवानों को बड़ा नुकसान:
सेना की ओर से बताया गया कि 7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने सात लक्ष्यों को निशाना बनाया था, जबकि दो लक्ष्यों पर भारतीय वायु सेना ने कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 100 से अधिक जवानों और आतंकवादी कैंपों में मौजूद 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि भारत ने अपना संदेश पूरी स्पष्टता के साथ दे दिया था कि किसी भी दुस्साहस का जवाब सख्ती से दिया जाएगा और आतंकवादी गतिविधियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।
राजीव घई ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत बताई:
डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि आत्मनिर्भरता केवल नारा नहीं बल्कि देश की वास्तविक ताकत बन चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत के 65 प्रतिशत से अधिक रक्षा उपकरण देश में ही तैयार किए जा रहे हैं और सेना उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई की शुरुआत है। उनका कहना था कि पाकिस्तान में अब कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
दुष्यंत कुमार की पंक्तियों के जरिए दिया संदेश:
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजीव घई ने कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियां भी सुनाईं। उन्होंने कहा, “सिर्फ हंगामा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।” इसके साथ उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
एयर मार्शल ने कहा- कार्रवाई जरूरी हो गई थी:
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि भविष्य में ऐसा हमला दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिए स्पष्ट उद्देश्य तय किए गए थे और कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा “जियो और जीने दो” के सिद्धांत पर विश्वास करता है, लेकिन जब शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाए और चुप्पी को असमर्थता माना जाए, तब कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है।
पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ढांचे पर निशाना:
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पीओके (POK) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। उन्होंने कहा कि 7 मई 2025 की तड़के पहले लक्ष्य को निशाना बनाते ही भारत ने दुश्मन की धरती तक अपनी शक्ति और संकल्प का संदेश पहुंचा दिया था।
उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में भारत के किसी सैन्य या नागरिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा। सेना ने सभी हमलों को निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया, 11 एयर फील्ड तबाह किए गए और 13 विमान गिराए गए।
भारत ने दोहराया आतंकवाद पर सख्त रुख:
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना के अधिकारियों ने साफ कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा। अधिकारियों का कहना था कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आतंकी गतिविधि का जवाब निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।
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