दहशत का पर्याय बनीं बाघिन को वन विभाग ने ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा

रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता

लखीमपुर खीरी के मझगई रेंज स्थित बसंतापुर क्षेत्र में रविवार को वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक भटकी हुई बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। यह पूरी कार्रवाई मझगई रेंज स्टाफ, पलिया रेंज स्टाफ और साउथ सुन्नारीपुर स्टाफ के समन्वय से सफलतापूर्वक पूरी की गई। बाघिन पिछले कुछ समय से क्षेत्र में देखी जा रही थी, जिसके चलते वन विभाग लगातार सतर्क था। उचित लोकेशन मिलने पर टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे ट्रेंकुलाइज कर मझगई रेंज परिसर में स्थानांतरित किया और उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

बाघिन की लोकेशन की पुष्टि के बाद रेस्क्यू शुरू:
जानकारी के अनुसार बाघिन कई दिनों से बसंतापुर और आसपास के इलाकों में देखी जा रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी से वन विभाग की टीम सतर्क हो गई थी। रविवार को उसकी सही लोकेशन की पुष्टि होने के बाद विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घेराबंदी कर सुरक्षित दूरी से ट्रेंकुलाइज ऑपरेशन को अंजाम दिया और उसे नियंत्रित कर रेंज परिसर तक पहुंचाया गया।

संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा:
इस पूरे अभियान में Forest Department (वन विभाग) की तीनों रेंज—मझगई, पलिया और साउथ सुन्नारीपुर—की टीमों ने मिलकर काम किया। अभियान का नेतृत्व रेंजर मझगई Ankit Kumar Singh (अंकित कुमार सिंह) और रेंजर पलिया Vinay Kumar (विनय कुमार) ने किया। सभी अधिकारी और स्टाफ लगातार क्षेत्र में मौजूद रहे और किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।

सतर्कता और मानकों के साथ किया गया ऑपरेशन:
टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा मानकों और विशेषज्ञ प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया। उद्देश्य यह था कि बाघिन को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ा जाए और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोखिम से मुक्त किया जा सके। वन विभाग की यह सक्रियता और समन्वित प्रयास इस अभियान को सफल बनाने में अहम रहे।

उपनिदेशक का बयान:
Dudhwa Tiger Reserve Buffer Zone (दुधवा टाइगर रिज़र्व बफर ज़ोन) की उपनिदेशक Kirti Choudhary (कीर्ति चौधरी) ने इस पूरे रेस्क्यू अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम ने समय पर कार्रवाई कर बाघिन और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उनका कहना था, “वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान में शामिल सभी टीमों ने विशेषज्ञता और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट कार्य किया है।”

बाघिन निगरानी में, स्वास्थ्य जांच जारी:
उपनिदेशक ने बताया कि बाघिन को फिलहाल निरंतर निगरानी में रखा गया है। उसकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि बाघिन को सुरक्षित वातावरण में रखा जाए और उसकी स्थिति में सुधार सुनिश्चित किया जाए।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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