अब ऑनलाइन खाना मंगवाना हुआ महंगा, Zomato ने बढ़ा दी प्लेटफॉर्म फीस, जानें कितनी हुई बढ़ोतरी

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato से खाना ऑर्डर करना अब पहले की तुलना में महंगा हो गया है। कंपनी ने शुक्रवार से अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद हर ऑर्डर पर ग्राहकों को अधिक राशि चुकानी होगी। इस बदलाव का सीधा असर रोजाना ऑर्डर करने वाले यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है।

प्लेटफॉर्म फीस में हुई बढ़ोतरी:
कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय ₹14.90 देने होंगे, यानी प्रति ऑर्डर ₹2.40 का अतिरिक्त भार बढ़ गया है। इस राशि पर जीएसटी (GST) भी अलग से जोड़ा जाएगा, जिससे कुल भुगतान और अधिक हो जाएगा। प्लेटफॉर्म फीस एक अतिरिक्त शुल्क होता है, जो डिलीवरी चार्ज, रेस्तरां शुल्क और टैक्स से अलग लिया जाता है।

रोजाना लाखों ऑर्डर पर पड़ेगा असर:
जानकारी के अनुसार, Zomato रोजाना करीब 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। ऐसे में यह बढ़ोतरी बड़े स्तर पर ग्राहकों को प्रभावित कर सकती है। छोटे-छोटे शुल्क में बदलाव भी बड़ी संख्या में ऑर्डर के कारण कुल खर्च में महत्वपूर्ण वृद्धि कर देता है।

प्रतिद्वंदी कंपनी के बराबर पहुंची फीस:
कंपनी की यह बढ़ोतरी उसे उसके मुख्य प्रतिद्वंदी Swiggy के करीब ले आई है। फिलहाल स्विगी टैक्स सहित लगभग ₹14.99 की प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। आमतौर पर देखा गया है कि एक कंपनी के शुल्क बढ़ाने के बाद दूसरी कंपनी भी अपने दामों में बदलाव करती है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है।

प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत और बढ़ोतरी का सफर:
Zomato ने अगस्त 2023 में पहली बार प्लेटफॉर्म फीस के रूप में ₹2 का शुल्क लागू किया था। इसके बाद कंपनी ने धीरे-धीरे इसे बढ़ाते हुए ₹3 और फिर 1 जनवरी 2024 से ₹4 कर दिया। समय के साथ यह राशि ₹7 तक पहुंची और अब बढ़कर ₹14.90 हो गई है। पिछले 7 महीनों में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में वृद्धि की है।

बढ़ती लागत बनी प्रमुख वजह:
इस बढ़ोतरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा एक अहम कारण माना जा रहा है। ईंधन महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर कंपनी के लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स पर पड़ता है। इसके अलावा, कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए भी समय-समय पर शुल्क में बदलाव करती रहती है।

कंपनी की शुरुआत और विस्तार:
Deepinder Goyal और Pankaj Chaddah ने साल 2008 में फूडीबे (FoodieBay) नाम से एक फूड डायरेक्टरी वेबसाइट की शुरुआत की थी। बाद में 2010 में इसका नाम बदलकर Zomato कर दिया गया। इसके बाद कंपनी ने तेजी से विस्तार करते हुए देश के कई बड़े शहरों के साथ विदेशों में भी अपनी सेवाएं शुरू कीं।

फूड-टेक सेक्टर में मजबूत पहचान:
Zomato देश के प्रमुख फूड-टेक प्लेटफॉर्म्स में से एक है और यूनिकॉर्न स्टार्टअप की श्रेणी में आता है। यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों, रेस्तरां पार्टनर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ने का काम करता है। फूड डिलीवरी के अलावा कंपनी ग्रॉसरी डिलीवरी क्षेत्र में भी सक्रिय है, जहां उसने ब्लिंकिट (Blinkit) का अधिग्रहण किया है।

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