नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व सभासद

जमानियां (गाजीपुर)। नगर पालिका कार्यालय परिसर में सोमवार की सुबह वार्ड नंबर 20 के पूर्व सभासद संतोष वर्मा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष पर तानाशाही रवैया अपनाने और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। संतोष वर्मा ने स्पष्ट किया कि उनकी कई मांगें अनसुनी की जा रही हैं और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


दाखिल खारिज और गृहकर पर आरोप

पूर्व सभासद ने कहा कि नगर पालिका परिषद जमानियां में दाखिल खारिज और एसेसमेंट रजिस्टर (गृहकर) में अध्यक्ष की ओर से विधि विरुद्ध कार्य किया जा रहा है। उनके अनुसार, जब कोई जमीन या मकान खरीदा-बेचा जाता है तो नगर पालिका की संस्तुति पर उपनिबंध कार्यकाल में बैनामा में पहले से ही दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद दाखिल खारिज के समय नगर पालिका द्वारा अचल संपत्ति हस्तांतरण के नाम पर अतिरिक्त दो प्रतिशत शुल्क वसूला जा रहा है।


साफ-सफाई और सड़क की बदहाली

धरने पर बैठे पूर्व सभासद ने शहर की साफ-सफाई और सड़कों की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र की प्रमुख समस्या गंदगी है, खासकर स्टेशन बाजार के सब्जी मंडी इलाके में। वहां एक तरफ की सड़क बनाई गई और दूसरी ओर का काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा नगर की गलियों में साफ-सफाई नहीं होती और अंधेरे में लोग परेशान रहते हैं। उनका कहना था कि मुख्य मार्गों पर कुछ हद तक व्यवस्था है लेकिन गलियों में प्रकाश और सफाई की स्थिति बेहद खराब है।


कर्मचारियों पर भी सवाल

संतोष वर्मा ने सफाईकर्मियों की हाजिरी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि कई सफाईकर्मी अनुपस्थित रहते हैं लेकिन सफाई नायक उनकी हाजिरी लगाकर भुगतान कर देते हैं। उन्होंने मांग की कि इस पर जांच होनी चाहिए और जिस कर्मचारी की नियुक्ति जिस पद पर हुई है, उससे वही कार्य कराया जाए।


क्रमिक धरने की चेतावनी

धरने पर बैठे पूर्व सभासद ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक यह क्रमिक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि यह आंदोलन केवल उनके लिए नहीं बल्कि नगर की जनता की मूलभूत सुविधाओं को लेकर है।


अध्यक्ष का जवाब

इस मामले पर नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा अपनी निजी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। अध्यक्ष के अनुसार, नगर पालिका क्षेत्र में पहले की तुलना में अब सबसे अधिक विकास कार्य हो रहे हैं। दाखिल खारिज में नामांतरण शुल्क पहले से ही लागू था और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है।


नतीजा

जमानियां नगर पालिका में पूर्व सभासद और अध्यक्ष के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। एक ओर जहां पूर्व सभासद तानाशाही रवैये और अव्यवस्थाओं का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अध्यक्ष विकास कार्यों का हवाला देकर आरोपों को खारिज कर रहे हैं। अब देखना होगा कि यह विवाद नगर की जनता की समस्याओं का समाधान लाता है या सियासी टकराव और गहराता है।

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