‘यूपी के मंत्रियों के नंबर ISI ने मंगाए’… जानिए रील बनाने के चक्कर में कैसे पाकिस्तानी आतंकियों का मोहरा बना जैद
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद जैद (Mohammad Zaid) के परिवार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है। जैद के पिता दिलीप खान (Dilip Khan) ने बेटे की गिरफ्तारी के बाद अपनी आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों को बयान करते हुए कहा कि अब उन्होंने सब कुछ ऊपर वाले पर छोड़ दिया है। तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) ने जैद को 25 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि जैद ने उत्तर प्रदेश के कई मंत्रियों और अधिकारियों के मोबाइल नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाए थे।
पुलिस जांच के अनुसार, जैद सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाता था। इसी दौरान वह कथित तौर पर ISI एजेंटों के संपर्क में आया। पूछताछ में उसने कई लोगों की लोकेशन और मोबाइल नंबर साझा करने की बात स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
गाजियाबाद में किराए के मकान में रहता परिवार:
दिलीप खान मूल रूप से गाजीपुर (Ghazipur) जिले के सुल्तानपुर गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह गाजियाबाद (Ghaziabad) के लोनी इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। दिलीप खान फैक्ट्री और दूसरी जगहों पर सरिया का काम करके हर महीने करीब 15 से 20 हजार रुपए कमाते हैं।
परिवार में तीन बेटे हैं, जिनमें 22 वर्षीय मोहम्मद जैद सबसे बड़ा है। उसके दो छोटे भाई जुड़वां हैं और उन्होंने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की है। दिलीप खान के अनुसार, जैद ने केवल कक्षा-4 तक पढ़ाई की थी।
हैदराबाद में होटल में करता था नौकरी:
दिलीप खान ने बताया कि करीब दो महीने पहले जैद हैदराबाद (Hyderabad) गया था, जहां उसे एक होटल में वेटर की नौकरी मिली थी। वहां उसका संपर्क अपने मौसी के बेटे फैजान (Faizan) से था, जो उसी होटल में काम करता है। परिवार को उम्मीद थी कि जैद वहां रहकर अपने लिए बेहतर काम तलाश करेगा।
उन्होंने कहा कि जैद समय-समय पर फोन करके अपने पिता और बीमार मां से बात करता था। परिवार को कभी यह अंदाजा नहीं था कि वह किसी गलत गतिविधि में शामिल हो सकता है। दिलीप खान के मुताबिक, जब तक जैद गाजियाबाद में रहा, उसके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार:
दिलीप खान ने कहा कि बेटे की गिरफ्तारी के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने बताया कि वह खुद लंबे समय से बीमार हैं और उनका शुगर लेवल 400 तक पहुंच चुका है। आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है, ऐसे में बेटे की जमानत कराना उनके लिए संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक उन्होंने जैद की मां को बेटे की गिरफ्तारी की पूरी जानकारी नहीं दी है, क्योंकि वह पहले से बीमार हैं और इस खबर से उन्हें गहरा सदमा लग सकता है।
तेलंगाना जाने तक के पैसे नहीं:
दिलीप खान के अनुसार, जब जैद हैदराबाद गया था तो उन्होंने उसे खर्च के लिए 4 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद उनसे केवल मोबाइल पर ही बातचीत होती रही। वह दोबारा गाजियाबाद नहीं आया।
उन्होंने बताया कि एक दिन तेलंगाना पुलिस का फोन आया और उनसे पूछा गया कि क्या वह जैद के पिता बोल रहे हैं। पहले उन्हें लगा कि शायद बेटे के साथ कोई हादसा हो गया है, लेकिन बाद में पुलिस ने बताया कि जैद को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें तेलंगाना आने को कहा गया। दिलीप खान का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि वह किराया खर्च करके हैदराबाद या तेलंगाना जा सकें।
कोलकाता में भी कर चुका है काम:
पुलिस पूछताछ में जैद ने बताया कि वर्ष 2021 में वह गाजियाबाद से कोलकाता (Kolkata) गया था। वहां उसने एक कपड़ा व्यापारी के साथ मिलकर करीब तीन साल तक काम किया। इसके बाद वह वापस गाजियाबाद लौट आया।
फरवरी 2026 में वह फिर नौकरी की तलाश में हैदराबाद गया, जहां उसे एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी मिली। उसके चचेरे भाई फैजान की सिफारिश पर उसे 15 हजार रुपए महीने की सैलरी पर रखा गया था।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ा संपर्क:
पुलिस के अनुसार, जैद सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और फेसबुक (Facebook) व इंस्टाग्राम (Instagram) पर लगातार वीडियो और रील साझा करता था। इसी दौरान आबिद (Abid) और राणा हुसैन (Rana Hussain) नाम के दो लोगों ने उससे संपर्क बढ़ाया।
पूछताछ में जैद ने बताया कि 4 अप्रैल को आबिद के कहने पर उसने प्रयागराज (Prayagraj) के ‘छोटा योगी’ नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति की लोकेशन साझा की थी। इसके अलावा 10 अप्रैल को उसे गाजियाबाद में पाकिस्तानी डॉन आबिद के नाम के पोस्टर लगाने के लिए कहा गया था। बदले में उसे पिस्टल देने का वादा किया गया था।
जैद ने यह भी स्वीकार किया कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पीए और उत्तर प्रदेश के कई कैबिनेट मंत्रियों के मोबाइल नंबर जुटाने का टास्क दिया गया था। उसने इंटरनेट के जरिए नंबर निकालकर भेजने की बात कबूल की है।
मोबाइल और चैट की जांच जारी:
पुलिस के अनुसार, आबिद ‘जाट मेमोस’ और ‘जाट 333’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ था और वह जैद से हथियार की मांग कर रहा था। फिलहाल तेलंगाना पुलिस जैद के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और संपर्कों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद जैद को चेरलापल्ली जेल (Cherlapally Jail) भेज दिया गया है।
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