शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही 31 जनवरी से शुरू हुए बजट सत्र का पहला और दूसरा सेशन समाप्त हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र में वक्फ बिल समेत 16 विधेयक पास किए गए। सदन की प्रोडक्टिविटी 118% रही। वहीं, बिरला ने वक्फ बिल को लेकर सोनिया गांधी को नसीहत दी। इस पर विपक्षी सांसदों ने बिरला के खिलाफ नारेबाजी की। सोनिया ने बिल के पास होते वक्त संसदीय प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
राज्यसभा से गुरुवार को बिल पास होने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। तमिलनाडु की DMK ने भी याचिका लगाने की बात कही थी। वहीँ वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका लगाई गई। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने यह याचिका लगाई है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह से किया था निवेदन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार का इरादा ठीक नहीं है। वक्फ लैंड किसको देंगे यह सामने नहीं आया। व्यापारियों को देंगे…मुझे पता नहीं। अंबानी-अडाणी जैसे लोगों को खिलाएंगे। मैं गृहमंत्री से अपील करूंगा कि आप इसे वापस ले लें। इसे प्रेस्टीज ईश्यू न बनाएं। मुसलमानों के लिए ये अच्छा नहीं है। संविधान के खिलाफ है।
पीएम मोदी ने बताया बड़ा सुधार
प्रधानमंत्री मोदी ने वक्फ संशोधन बिल के पास होने को एक बड़ा सुधार बताया। उन्होंने शुक्रवार सुबह X पर लिखा कि यह कानून ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएगा और गरीब-पसमांदा मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा- वक्फ संपत्तियों में सालों से गड़बड़ी हो रही थी, जिससे खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को नुकसान हुआ। यह नया कानून इस समस्या को दूर करेगा।

