लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश साझा किए और सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि समीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अपील:
बैठक में नवदीप रिणवा (Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh) ने बताया कि प्रदेश में कुल 15,44,30,092 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 15,36,29,570 यानी 99.48 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (Form) पहुंचाया जा चुका है। यह प्रपत्र 04 नवंबर से बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा वितरित किए जा रहे हैं और 04 दिसंबर तक इन्हें मतदाताओं से भरवाकर वापस लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 09 दिसंबर को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन होगा, जिसके बाद 09 दिसंबर से 08 जनवरी तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। सभी दावों के निस्तारण के बाद 07 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र भरने की सुविधा उपलब्ध है, जिसका अब तक 90 हजार से अधिक मतदाताओं ने उपयोग किया है।
राजनैतिक दलों द्वारा BLA नियुक्ति:
बैठक में बताया गया कि अब तक 3,85,799 बूथ लेवल एजेंट (BLA) विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त किए जा चुके हैं। इनमें समाजवादी पार्टी ने 1,12,309, भाजपा ने 1,56,015, बसपा ने 1,00,169 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 16,538 बीएलए नियुक्त किए हैं। इसके अलावा अपना दल (एस) ने 713 और सीपीआई (एम) ने 55 बीएलए नियुक्त किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आम आदमी पार्टी और एनपीपी ने अब तक एक भी बीएलए नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि हर बूथ पर अपने बीएलए की नियुक्ति सुनिश्चित करें, ताकि गणना प्रपत्र भरवाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हो सके।
उन्होंने कहा कि बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र भरवाकर बीएलओ को दे सकते हैं। इस कार्य में एनसीसी, एनएसएस और स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवक भी सहयोग कर रहे हैं।
मतदाताओं की सुविधा के उपाय:
रिणवा ने बताया कि गणना प्रपत्र भरवाते समय मतदाताओं से किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जा रहा है। जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खाएंगे, उन्हें नोटिस जारी कर सूचना दी जाएगी।
मतदाताओं की सहायता के लिए जिले और विधानसभा स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिला संपर्क केंद्रों (DCC) के 1950 नंबर पर भी सहायता उपलब्ध है। मतदाता “Book a Call with BLO” सेवा का उपयोग करके भी सीधे बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची voters.eci.gov.in और ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध है, यहां से मतदाता अपनी जानकारी की जांच कर सकते हैं।
बैठक में दलों की उपस्थिति:
बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), आम आदमी पार्टी (AAP), अपना दल (एस) और एनपीपी (NPP) के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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