‘तुम मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं होने दूंगा’:वाराणसी में प्रेमी ने MSC छात्रा को भेजा मैसेज, 3 दिन बाद बाथरूम में लाश मिली
वाराणसी के रोहनिया इलाके में तीन दिन से लापता एमएससी छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय श्रेया का शव गुरुवार दोपहर उसके प्रेमी विवेक चौबे के किराए के कमरे के बाथरूम से बरामद हुआ। बेटी की तलाश में जुटी मां जब विवेक के कमरे तक पहुंचीं तो वहां से तेज बदबू आ रही थी। कमरे की जांच करने पर बाथरूम में श्रेया का शव पड़ा मिला। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
कॉलेज जाने के बाद नहीं लौटी थी श्रेया:
श्रेया उपाध्याय राजातालाब के मरुई-जमुनी गांव निवासी सुनील उपाध्याय की इकलौती बेटी थी। वह जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। 18 अगस्त की सुबह करीब पौने नौ बजे वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। आमतौर पर वह दोपहर 12 से 1 बजे के बीच घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन काफी समय बीतने के बाद भी वह वापस नहीं आई।
परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार के लोग कॉलेज पहुंचे। वहां शिक्षिका से पूछताछ करने पर पता चला कि श्रेया उस दिन कॉलेज आई ही नहीं थी। इसके बाद परिजनों ने राजातालाब थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल लोकेशन से कमरे तक पहुंची पुलिस:
गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने श्रेया के मोबाइल की लोकेशन खंगाली। मोबाइल की लोकेशन बच्छांव में मालवीय इंटर कॉलेज के पास मिल रही थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जिस कमरे की ओर लोकेशन मिल रही थी, उसका दरवाजा नहीं खुला।
परिजनों के मुताबिक, पुलिस दो बार उस स्थान पर पहुंची थी, लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुल सका। इसी बीच श्रेया की मां उसकी तलाश करते हुए विवेक के ननिहाल पहुंचीं। वहां से उन्हें कमरे की चाबी मिली। इसके बाद वह चाबी लेकर बच्छांव के पश्चिमपुरा स्थित विवेक के किराए के कमरे पर पहुंचीं।
बाथरूम में पड़ा मिला छात्रा का शव:
कमरे का दरवाजा खोलते ही अंदर तेज बदबू महसूस हुई। परिवार के लोगों ने जब बाथरूम में देखा तो वहां श्रेया का शव पड़ा था। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। घटना के बाद से विवेक चौबे फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। श्रेया की मां ने विवेक पर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया है।
शादी तय होने के बाद बढ़ा दबाव:
परिजनों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले श्रेया का रिश्ता पास के गोतवा गांव के एक युवक से तय हुआ था। कुछ दिन पहले ही उसकी रिंग सेरेमनी भी हुई थी। परिवार ने तिलक के लिए 26 नवंबर और शादी के लिए 20 फरवरी 2027 की तारीख तय की थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं।
आरोप है कि शादी दूसरी जगह तय होने के बाद विवेक चौबे श्रेया पर सगाई तोड़ने का दबाव बनाने लगा था। करीब एक सप्ताह पहले उसने श्रेया को संदेश भेजकर घर से भागकर शादी करने के लिए कहा था। उसने कथित तौर पर श्रेया से परिवार को यह बताने के लिए कहा था कि वह उससे प्यार करती है और उसी से शादी करना चाहती है।
परिजनों के अनुसार, श्रेया उसकी बातों को नजरअंदाज कर रही थी और उसे समझाती थी कि उसकी शादी तय हो चुकी है। इसी बीच 17 और 18 अगस्त को विवेक ने श्रेया से फोन और संदेशों के जरिए संपर्क किया था।
रिश्तेदारी के जरिए हुई थी दोनों की पहचान:
विवेक चौबे चोलापुर के नियार डीह गांव का रहने वाला बताया गया है। उसका ननिहाल जमुनी गांव में है और वह अक्सर वहां आता-जाता था। इसी दौरान श्रेया से उसकी पहचान हुई थी।
परिजनों के अनुसार, कोरोना काल के दौरान विवेक श्रेया के घर आया था और कई दिनों तक परिवार के साथ रहा। इसी दौरान वह परिवार के लोगों के करीब हो गया। बताया गया कि वह श्रेया की पढ़ाई में मदद करता था और कॉलेज आने-जाने के दौरान भी उसके संपर्क में रहता था।
बाद में विवेक ने रोहनिया में किराए पर कमरा ले लिया। वह एक ग्रामीण बैंक में काम करता था और काम के सिलसिले में इस कमरे में रुकता था। परिजनों का आरोप है कि वह कई बार श्रेया को अपने कमरे पर भी ले गया था।
18 अगस्त को मिलने के लिए बुलाने का आरोप:
परिजनों के मुताबिक, 17 और 18 अगस्त को विवेक ने श्रेया को कई बार फोन और संदेश किए थे। आरोप है कि उसने उसे मिलने के लिए बुलाया। 18 अगस्त को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली श्रेया रास्ते में विवेक से मिली और वह उसे अपने किराए के कमरे पर ले गया।
इसके बाद श्रेया घर नहीं लौटी। परिवार उसकी तलाश करता रहा। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस संबंधित स्थान तक पहुंची, लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुल सका। बाद में परिजनों को कमरे की चाबी मिली और बाथरूम से श्रेया का शव बरामद हुआ।
आरोपी की तलाश में चार टीमें लगाई गईं:
डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान ने बताया कि युवती की गुमशुदगी के मामले को हत्या में बदल दिया गया है। आरोपी की तलाश के लिए एसओजी समेत चार पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती का दूर का रिश्तेदार भी है।
पुलिस मोबाइल लोकेशन, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
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