Varanasi: वाराणसी, यानी बनारस, अपनी साड़ियों, गलियों, मिठाइयों और लंगड़ा आम के साथ-साथ जाम के लिए भी मशहूर है। यहां तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, खासकर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद। बढ़ते ट्रैफिक के बीच प्रशासन लगातार नई-नई रणनीतियों पर काम कर रहा है, ताकि सड़कों पर जाम कम किया जा सके और यातायात सुचारू रूप से चले। इसी कड़ी में ट्रैफिक पुलिस ने एक अनोखी तरकीब अपनाई है, जिसका नाम है — टायर किलर।
टायर किलर से गलत लेन में प्रवेश पर रोक
फुलवरिया फ्लाईओवर पर हाल ही में टायर किलर का प्रयोग शुरू किया गया है। यह फ्लाईओवर बनारस का सबसे व्यस्त फ्लाईओवर बन चुका है और बाबतपुर एयरपोर्ट, बीएचयू या शहर के लिए आने-जाने वाले वाहनों की संख्या यहां अधिक है। एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि सेन्ट्रल जेल से फुलवरिया होते हुए आगे बढ़ते वाहन अक्सर बौलिया जाने के लिए यू-टर्न लेकर गलत लेन में चले जाते हैं। इस कारण दोनों लेन जाम हो जाते थे।
अब यू-टर्न वाली जगह पर हाइड्रोलिक चालित स्पाइक्स, यानी टायर किलर लगवाए गए हैं। जो वाहन फुलवरिया फ्लाईओवर से बौलिया तिराहे की तरफ गलत लेन में जाएंगे, उनके टायर फट जाएंगे। सही लेन का उपयोग करने वाले वाहन सुरक्षित रहेंगे। बौलिया जाने के लिए अब लहरतारा चौराहा होकर ही मार्ग है।
टायर किलर कैसे काम करता है
टायर किलर स्पाइक्स की तरह काम करता है। यह हाइड्रोलिक या रिमोट से संचालित होता है। सही दिशा में आने वाले वाहन के लिए स्पाइक्स नीचे चले जाते हैं, जिससे गाड़ी को कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन उल्टी दिशा में आने वाले वाहन के टायर में नुकीले स्पाइक्स घुस जाते हैं और टायर फट जाता है। इस तरह यह गलत लेन में जाने वाले वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण करता है।
रेड लाइट जंप पर भी सख्ती
ट्रैफिक पुलिस ने मलदहिया चौराहे पर रेड लाइट जंप करने वाले चालकों का चालान सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर से शुरू कर दिया है। शहर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 93 स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा, गति में बाधा बनने वाले 86 कट बंद कर दिए गए हैं। पांडेयपुर, इंग्लिशिया लाइन, कचहरी, मछली मंडी जैसे क्षेत्रों में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग लेन बनाई गई है।
वन-वे से जाम में राहत
राजघाट पुल के बाईं ओर से नमो घाट जाने वाले वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। अब वाहन केवल नमो घाट की ओर जा सकते हैं और वापसी के लिए घाट किनारे की सड़क से भैंसासुर घाट होकर भदऊ चुंगी मार्ग अपनाना होगा। इसी तरह दुर्गाकुंड, पद्मश्री चौराहा और दयाल टावर मार्ग पर भी वन-वे लागू किया जा रहा है।
इस प्रकार बनारस में ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए तकनीकी और कड़े उपायों का संयोजन किया है। टायर किलर और वन-वे सिस्टम जैसी रणनीतियों से उम्मीद है कि व्यस्त फ्लाईओवर और चौराहों पर यातायात पहले से बेहतर और सुरक्षित रूप से चलेगा।
बनारस में जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने निकाली अनोखी चाल