बनारस के बुजुर्गों लिए चित्रकूट जैसी नेत्र सुविधा की पीएम मोदी से मांग

बनारस (Varanasi) के आंख के मरीजों ने चित्रकूट (Chitrakoot) से आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से अपील की है कि शहर में भी ऐसी नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों, जैसी चित्रकूट के सदगुरु नेत्र चिकित्सालय (Sadhguru Eye Hospital, Chitrakoot) में हैं। समाज सेवी सुबेदार यादव ने बताया कि आंख का इलाज न केवल स्वास्थ्य का मुद्दा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा अहम विषय है।

A group of people holding protest signs outside a hospital labeled 'Sadguru Nemi Hospital and Research Institute'.

चित्रकूट मॉडल का महत्व:
सुबेदार यादव के अनुसार चित्रकूट सदगुरु नेत्र चिकित्सालय में अत्याधुनिक मशीनरी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी ने मरीजों को आसानी से उच्च गुणवत्ता वाली जांच और इलाज की सुविधा प्रदान की। बनारस जैसे बड़े शहर में भी यदि ऐसी सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो बुजुर्गों और गरीब किसानों को लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बनारस में मरीजों की समस्याएं:
वाराणसी जिले के राजातालाब तहसील के महनाग गांव निवासी सुबेदार यादव ने बताया कि उनकी माता सोमारी देवी को रेटीना (Retina) की समस्या है और बनारस में इलाज कराने के बावजूद उपयुक्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने पहले भी बनारस के डॉक्टरों और प्रधानमंत्री कार्यालय से मदद मांगी थी। बुजुर्ग मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाकर इलाज कराना कठिन हो रहा है।

प्रधानमंत्री से अपील:
सुबेदार यादव और अन्य मरीजों ने कहा कि बनारस में सदगुरु नेत्र चिकित्सालय जैसे आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हों, ताकि मरीज अपनी आध्यात्मिक नगरी काशी (Varanasi) में ही इलाज करा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इससे न केवल बनारस के, बल्कि पूरे पूर्वांचल और देश के बुजुर्गों को लाभ होगा।

समाज और स्वास्थ्य जागरूकता:
सुबेदार यादव ने आगे कहा, “आंख हैं तो जहान हैं। आंखों की रोशनी से ही संसार को देखा जा सकता है। इसलिए सरकार को इस महत्वपूर्ण अंग के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने बुजुर्गों, किसानों और गरीब लोगों की समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि लंबी दूरी तय करना उनके लिए शारीरिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से कठिन है।

सुविधाओं की आवश्यकता:
मरीजों ने यह भी उल्लेख किया कि चित्रकूट में इलाज के दौरान मशीनरी और डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त है और इलाज आसानी से उपलब्ध है। बनारस में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बुजुर्ग और रोगी मजबूर होकर दूर-दराज के अस्पतालों में जाते हैं। सुबेदार यादव ने जोर देकर कहा कि अगर बनारस में यह सुविधा उपलब्ध हो जाए तो बुजुर्ग मरीजों को यात्रा की परेशानी नहीं होगी और उनकी आंखों का समय पर इलाज सुनिश्चित होगा।

समापन अपील:
सुबेदार यादव ने सभी बुजुर्ग और मरीजों के हित में प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि बनारस में सदगुरु नेत्र चिकित्सालय (Sadhguru Eye Hospital, Chitrakoot) जैसी सुविधा जल्द से जल्द शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य की जरूरत नहीं, बल्कि समाज और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा मामला है।



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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

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