वाराणसी में करीब चार साल बाद एक बार फिर कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। Varanasi (वाराणसी) में एक व्यक्ति की COVID-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि आवश्यक एहतियाती कदम समय रहते उठाए जा सकें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
संक्रमित की पहचान और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई:
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित व्यक्ति Ashapur (अशापुर) क्षेत्र का निवासी है। प्रारंभिक जानकारी में उसकी कोई हालिया यात्रा (ट्रैवल हिस्ट्री) सामने नहीं आई है। सांस लेने में परेशानी होने के बाद उसने BHU (बीएचयू) में अपनी जांच कराई, जहां उसकी COVID-19 रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है। साथ ही विभाग की टीम उसके घर जाकर परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी देगी।
विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह:
BHU (बीएचयू) के Microbiology Department (माइक्रोबायोलॉजी विभाग) के पूर्व प्रभारी Prof. Gopal Nath (प्रो. गोपाल नाथ) के अनुसार जिन लोगों को तेज बुखार, सांस फूलने या लगातार श्वसन संबंधी परेशानी जैसी शिकायत हो रही है, उन्हें चिकित्सक की सलाह पर कोरोना जांच अवश्य करानी चाहिए। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं होगा। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
लक्षण दिखें तो बरतें ये सावधानियां:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार मास्क का उपयोग करना लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा हाथों की नियमित सफाई बनाए रखना और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
देश में कोरोना का सफर और वर्तमान स्थिति:
भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी 2020 को Kerala (केरल) में दर्ज किया गया था। इसके बाद मार्च 2020 में देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया। वर्ष 2021 के दौरान आई दूसरी लहर सबसे अधिक गंभीर साबित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी काफी दबाव पड़ा। बाद में देशव्यापी टीकाकरण अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप संक्रमण और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। वर्तमान समय में COVID-19 पहले की तुलना में काफी हद तक नियंत्रित माना जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब भी समय-समय पर सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की सलाह देते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की अपील:
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के श्वसन संबंधी लक्षणों को हल्के में न लें। यदि बीमारी के संकेत दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लें और आवश्यक जांच कराएं। विभाग का उद्देश्य समय रहते संक्रमण की पहचान कर उसे फैलने से रोकना है। साथ ही आम नागरिकों से भी व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की गई है।
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