केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे से जुड़ी कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया कि कोलकाता और गुवाहाटी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 17 जनवरी से शुरू होने जा रही है। इस नई रेल सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन में करेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच संचालित होगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सुविधा मिलेगी।
कोलकाता-गुवाहाटी के बीच पहली स्लीपर वंदे भारत:
रेल मंत्री के अनुसार यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन खासतौर पर 1000 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। स्लीपर कोच की सुविधा के साथ यह ट्रेन यात्रियों को तेज गति, बेहतर सुरक्षा और आरामदायक सफर का अनुभव देगी। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बीच यह सेवा रेल संपर्क को और मजबूत करेगी।
मालदा टाउन में होगा उद्घाटन कार्यक्रम:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन में इस ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार कोलकाता और गुवाहाटी के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
छह नई अमृत भारत एक्सप्रेस की घोषणा:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी लॉन्च किया जाएगा। इन ट्रेनों की सेवाएं 17 और 18 जनवरी 2026 से यात्रियों को मिलना शुरू हो जाएंगी। इन ट्रेनों के माध्यम से रेलवे आम यात्रियों को किफायती और बेहतर सुविधा देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
2026 में रेलवे में बड़े बदलाव की तैयारी:
दिल्ली में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 भारतीय रेलवे के लिए बदलाव का साल साबित होगा। रेलवे में सुधारों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे संचालन, सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी प्रक्रियाएं और अधिक प्रभावी होंगी।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा:
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक नया स्ट्रक्चरल तरीका अपनाया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत के स्टार्टअप और इनोवेटिव दिमागों को रेलवे से जोड़ना है। इसके लिए एक टेक्नोलॉजी इनोवेशन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिससे नए विचारों और तकनीकी समाधानों को सीधे रेलवे से जोड़ा जा सकेगा।
रखरखाव में AI का व्यापक उपयोग:
रेल मंत्री के अनुसार रखरखाव से जुड़ी गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इससे ट्रेनों की समय पर मरम्मत, तकनीकी खामियों की पहचान और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह कदम रेलवे को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
वंदे भारत स्लीपर का प्रस्तावित किराया:
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की जानकारी भी साझा की गई है। थर्ड एसी का किराया 2300 रुपये तय किया गया है। सेकेंड एसी के लिए यात्रियों को 3000 रुपये चुकाने होंगे, जबकि फर्स्ट एसी का प्रस्तावित किराया करीब 3600 रुपये रखा गया है। किराए को लंबी दूरी और आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप निर्धारित किया गया है।
इस साल तैयार होंगी 12 स्लीपर ट्रेनें:
रेल मंत्री ने बताया कि इस साल के अंत तक लगभग 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। इन ट्रेनों को देश के अलग-अलग रूट्स पर चलाने की योजना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को आधुनिक रेल सुविधा का लाभ मिल सके।
180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सफल ट्रायल:
30 दिसंबर को इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन किया गया था। ट्रेन को कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया। इस दौरान लोको पायलट ने ट्रेन के भीतर चार ग्लास में पानी रखा, लेकिन तेज रफ्तार के बावजूद पानी नहीं छलका। यह परीक्षण ट्रेन की स्थिरता और उन्नत तकनीक को दर्शाता है।
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