Reserve Bank of India (भारतीय रिजर्व बैंक) ने आज यानी 4 अक्टूबर से नया चेक क्लियरेंस सिस्टम लागू कर दिया है। अब किसी भी बैंक में जमा किया गया चेक कुछ ही घंटों में क्लियर हो जाएगा। पहले जहां इसमें दो दिन तक का समय लगता था, वहीं अब यह प्रक्रिया उसी दिन पूरी हो जाएगी। यह बदलाव बैंकिंग सिस्टम में तेजी और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नया सिस्टम ‘Continuous Clearing and Settlement’:
RBI के इस नए सिस्टम का नाम ‘Continuous Clearing and Settlement’ है। इसके तहत बैंक अब चेक को स्कैन कर तुरंत प्रेजेंट करेंगे और कुछ ही घंटों में उसका प्रोसेस पूरा कर देंगे। बैंकिंग कामकाज के घंटों में ही यह पूरा सिस्टम सक्रिय रहेगा। कई बैंकों ने इसकी तैयारी पहले ही कर ली थी और 3 अक्टूबर से ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया था।
ग्राहकों को पर्याप्त बैलेंस रखने की सलाह:
HDFC Bank (एचडीएफसी बैंक), ICICI Bank (आईसीआईसीआई बैंक) समेत कई निजी बैंकों ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने खातों में पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि चेक बाउंस न हो। साथ ही चेक पर सभी डिटेल्स जैसे तारीख, राशि, हस्ताक्षर और खाता संख्या सही-सही भरें, वरना चेक रिजेक्ट या प्रोसेस में देरी हो सकती है।
₹50,000 से अधिक के चेक पर अनिवार्य जानकारी:
बैंकों ने ग्राहकों से ‘Positive Pay System (पॉजिटिव पे सिस्टम)’ का इस्तेमाल करने को कहा है। यह सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी कदम है। इसके तहत यदि आप ₹50,000 से अधिक का चेक जमा कर रहे हैं, तो आपको उसका विवरण बैंक को कम से कम 24 घंटे पहले देना होगा।
इसमें अकाउंट नंबर, चेक नंबर, तारीख, राशि और जिसे चेक दिया जा रहा है उसका नाम शामिल होगा। बैंक चेक प्राप्त होने पर इन जानकारियों को मिलान करेगा। यदि सब कुछ सही हुआ तो चेक तुरंत क्लियर हो जाएगा, अन्यथा रिजेक्ट कर दिया जाएगा और आपको दोबारा डिटेल्स देनी होंगी।
क्या चेक का पैसा उसी दिन मिल जाएगा?:
RBI अधिकारियों के अनुसार, नया सिस्टम लागू होने के बाद अधिकतर मामलों में चेक का पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। यदि कोई व्यक्ति सुबह चेक जमा करता है, तो दोपहर या शाम तक राशि उसके खाते में पहुंच जाएगी। यह सुधार Cheque Truncation System (CTS) को और तेज व कुशल बनाने के लिए किया गया है।
CTS यानी Cheque Truncation System क्या है?:
CTS एक ऐसा सिस्टम है जिसमें बैंक को चेक की फिजिकल कॉपी भेजने की जरूरत नहीं होती। बैंक चेक को स्कैन कर उसकी डिजिटल इमेज तैयार करता है, जो संबंधित बैंक तक इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजी जाती है। इससे क्लियरेंस की प्रक्रिया तेज होती है और फिजिकल ट्रांसफर की आवश्यकता खत्म हो जाती है। पहले जब ग्राहक ड्रॉप बॉक्स या एटीएम में चेक डालते थे, तो उसे क्लियर होने में दो वर्किंग डे लगते थे, लेकिन अब RBI ने इस प्रक्रिया को और स्मार्ट बना दिया है।
नए सिस्टम की कार्यप्रणाली:
यदि आप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच चेक जमा करते हैं, तो बैंक उसे स्कैन कर तुरंत क्लियरिंग के लिए भेज देगा। सुबह 11 बजे से हर घंटे बैंकों के बीच सेटलमेंट होगा। जिस बैंक को भुगतान करना है, उसे शाम 7 बजे तक ट्रांजेक्शन की पुष्टि करनी होगी। यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया, तो चेक स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
पूरे देश में एक समान सिस्टम लागू होगा:
RBI ने इस नियम को अपने तीन ग्रिड्स—दिल्ली, मुंबई और चेन्नई—के तहत देशभर के सभी बैंकों में लागू किया है। यानी अब देश के हर हिस्से में चेक क्लियरेंस का एक समान और तेज सिस्टम लागू रहेगा।
दो चरणों में लागू होगा नया नियम:
RBI ने इसे दो चरणों में लागू करने की योजना बनाई है।
फेज 1: 4 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक बैंकों को शाम 7 बजे तक चेक कन्फर्म करना होगा।
फेज 2: 3 जनवरी 2026 से बैंकों को सिर्फ 3 घंटे के भीतर जवाब देना होगा।
कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं:
फिलहाल RBI ने इस प्रक्रिया के लिए किसी नए शुल्क की घोषणा नहीं की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बैंकिंग सेवा देना है।
डिजिटल इंडिया को मजबूत करेगा RBI का कदम:
RBI का यह नया चेक क्लियरेंस सिस्टम ‘Digital India (डिजिटल इंडिया)’ की दिशा में एक और बड़ा कदम है। अब ग्राहक चेक के माध्यम से भुगतान को लेकर अधिक आश्वस्त रह सकेंगे। इससे डिजिटल और पारंपरिक बैंकिंग के बीच विश्वास बढ़ेगा और बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता आएगी।
यह बदलाव न केवल बैंकिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि लोगों के समय की भी बचत करेगा। चेक से होने वाले भुगतान अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेंगे।