वॉशिंगटन: अमेरिकी सरकार (US Government) आज से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ (Emergency Tariff) की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को उन देशों को चेतावनी दी है जो टैरिफ समझौते (Tariff Agreement) से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश ने अमेरिका के साथ व्यापार में ‘गेम’ खेलने की कोशिश की, तो परिणाम गंभीर होंगे और और ऊंचे टैरिफ लगाए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया:
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने तीन दिन पहले इन टैरिफ को गैरकानूनी (Illegal) बताया था। इसके बाद अमेरिकी कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (US Customs and Border Protection [CBP]) ने बयान जारी कर बताया कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (International Emergency Economic Powers Act [IEEPA]) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली मंगलवार रात 12 बजकर 1 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद कर दी जाएगी। CBP ने इम्पोर्ट्स (Imports) को निर्देश दिया कि टैरिफ से जुड़े सभी कोड उसके कार्गो सिस्टम (Cargo System) से हटा दिए जाएं।
आर्थिक प्रभाव और संभावित रिफंड:
पेन व्हार्टन बजट मॉडल (Penn Wharton Budget Model) के अर्थशास्त्रियों (Economists) के अनुसार, कोर्ट के फैसले से अमेरिकी सरकार को 175 अरब डॉलर (लगभग 15.75 लाख करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई वापस करनी पड़ सकती है। रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के मुताबिक, IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से अमेरिका हर दिन 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,500 करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई कर रहा था। अब टैरिफ रद्द होने के बाद कंपनियां (Companies) रिफंड की मांग कर सकती हैं।
ट्रम्प का बयान और देशों पर असर:
टूथ सोशल (Truth Social) पर ट्रम्प (Trump) ने कहा, “कई देशों ने अमेरिका को व्यापार में बरसों तक नुकसान पहुंचाया है।” उनका बयान ऐसे समय आया है जब मंगलवार से भारत (India) समेत सभी देशों पर 15% टैरिफ लागू होगा। कुछ देश 15% टैरिफ का विरोध कर रहे हैं।
पूर्व में हुए ट्रेड डील और विवाद:
ब्रिटेन (United Kingdom), ऑस्ट्रेलिया (Australia) और न्यूजीलैंड (New Zealand) जैसे देशों ने ट्रम्प प्रशासन (Trump Administration) के साथ 10% अमेरिकी बेसलाइन टैरिफ (US Baseline Tariff) पर समझौता किया था। अब उन्हें 15% टैरिफ चुकाना पड़ेगा। कुछ देशों का कहना है कि ट्रेड डील (Trade Deal) में जब 10% टैरिफ तय हुआ था तो वे ज्यादा टैरिफ नहीं चुकाएंगे। इस विवाद पर अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल कोई स्पष्टीकरण (Explanation) नहीं दिया है।
आगे का नजरिया:
विशेषज्ञ (Experts) मानते हैं कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार (International Trade) पर प्रभाव पड़ेगा और कई कंपनियां अपने इम्पोर्ट (Imports) के लिए नई रणनीति अपनाएंगी। अमेरिकी सरकार और ट्रम्प प्रशासन के बीच नीति (Policy) में परिवर्तन व्यापारिक माहौल (Trade Environment) को प्रभावित कर सकता है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
Tags (#): #US #Donald_Trump #IEEPA #Tariff #Trade #Customs #India

