अमेरिकी नाकाबंदी के बीच चीनी टैंकर ने होर्मुज पार किया, ईरान का 5 साल प्रस्ताव ठुकराया गया

अमेरिका (United States) द्वारा लागू की गई नाकाबंदी के बीच ‘रिच स्टार्री’ (Rich Starry) नाम का एक चीनी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को पार कर फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से बाहर निकल गया। शिपिंग डेटा के अनुसार, नाकाबंदी के बाद ऐसा करने वाला यह पहला जहाज बताया जा रहा है। इस घटना ने क्षेत्रीय हालात और समुद्री गतिविधियों को लेकर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

प्रतिबंध के बावजूद टैंकर की आवाजाही:
बताया जा रहा है कि इस टैंकर और इसकी मालिक कंपनी पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। इसके बावजूद जहाज ने अपना सफर जारी रखा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जहाज में करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा हुआ था, जिसे यूएई (UAE) के हमरिया पोर्ट (Hamriyah Port) से लोड किया गया था। इस घटनाक्रम को मौजूदा तनाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान-अमेरिका वार्ता में असहमति:
न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) में हुई बातचीत के दौरान ईरान ने पांच वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अमेरिका 20 वर्षों तक इसे रोकने की शर्त पर अड़ा रहा। इस मतभेद के चलते दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।

ट्रम्प ने प्रस्ताव किया खारिज:
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने ईरान के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद अमेरिका (United States) ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी शुरू कर दी। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर निगरानी रखी जा रही है, हालांकि अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

रूस का मध्यस्थता प्रस्ताव:
इस बीच रूस (Russia) ने ईरान (Iran) के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया है। क्रेमलिन (Kremlin) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव (Dmitry Peskov) ने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी खुला है, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का इच्छुक है।

तनाव के बीच बढ़ी चिंताएं:
माना जा रहा है कि यदि ईरान (Iran) अपने संवर्धित यूरेनियम को रूस (Russia) को सौंपता है, तो इससे अमेरिका (United States) की चिंताएं कम हो सकती हैं और परमाणु समझौते का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि वर्तमान हालात में दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम:
हाल के घटनाक्रम में डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नाकाबंदी के पास आने वाले ईरानी जहाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ईरान (Iran) ने भारत (India) के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की बात कही है और इस संबंध में बातचीत जारी है। दूसरी ओर पोप लियो (Pope Leo) ने ट्रम्प से बहस करने से इनकार करते हुए शांति को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके अलावा ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ तो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान सागर (Oman Sea) के किसी भी पोर्ट को सुरक्षित नहीं माना जाएगा। पाकिस्तान (Pakistan) ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर शुरू हो सकती है।

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