योगी कैबिनेट ने किसानों को दी राहत, गेहूं MSP में किया इजाफा; इस दिन से शुरू होगी खरीद

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने किसानों (Farmers) के हित में रबी विपणन वर्ष 2026-27 (Rabi Marketing Year 2026-27) के लिए गेहूं (Wheat) की खरीद नीति को मंजूरी दी है। CM योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की कैबिनेट ने इस नीति को स्वीकृति देते हुए केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP – Minimum Support Price) को राज्य स्तर पर अपनाया है। इस कदम से राज्य के लाखों किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

MSP में वृद्धि का विवरण:
केंद्र की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA – Cabinet Committee on Economic Affairs) ने अक्टूबर 2025 में रबी फसलों के लिए MSP में वृद्धि की घोषणा की थी। गेहूं का MSP ₹2,425 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹2,585 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो 6.59% की बढ़ोतरी दर्शाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस MSP को अपनाते हुए राज्य स्तर पर खरीद नीति को अंतिम रूप दिया। यह निर्णय किसानों की उत्पादन लागत को कवर करने और उन्हें लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

खरीद कब से शुरू होगी:
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गेहूं की MSP पर खरीद 30 मार्च 2026 (30 March 2026) से शुरू होगी और 15 जून 2026 (15 June 2026) तक चलेगी। प्रदेश भर में लगभग 5,494 क्रय केंद्र (Procurement Centers) खोले जाएंगे, जहां किसान अपनी उपज बेच सकेंगे। इस वर्ष भारत सरकार (Government of India) द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।

भुगतान और व्यवस्था:
किसानों को गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल (Chief Secretary SP Goyal) ने अधिकारियों को समय पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

किसानों के लिए निर्देश:
किसानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते ऑनलाइन या स्थानीय क्रय केंद्रों (Local Procurement Centers) पर रजिस्ट्रेशन करा लें। गेहूं की खरीद केवल गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) के अनुसार ही होगी। साफ-सुथरा और सूखा गेहूं लाना अनिवार्य है। यदि किसानों के पास ज्यादा मात्रा में गेहूं है, तो उनके घर से ही उठान (Pickup) की व्यवस्था संभव है।

कृषि सुधार और लाभकारी कदम:
इस नीति से न केवल किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि राज्य में कृषि क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। खरीदी नीति से किसानों को उत्पादन लागत की भरपाई करने के साथ-साथ लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा, जिससे कृषि व्यवसाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Disclaimer:
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