उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में शनिवार को लगातार दूसरे दिन बारिश का दौर जारी रहा। लखनऊ (Lucknow) और वाराणसी (Varanasi) में रातभर रुक-रुककर बारिश हुई, जबकि गोरखपुर (Gorakhpur), जालौन (Jalaun) समेत 10 शहरों में सुबह से कहीं तेज और कहीं बूंदाबांदी हो रही थी। बर्फीली हवाओं ने ठंड का असर बढ़ा दिया।
कोहरे का प्रभाव:
पश्चिमी यूपी के जिलों आगरा (Agra), मथुरा (Mathura), मेरठ (Meerut) और अलीगढ़ (Aligarh) समेत कई क्षेत्रों में जनवरी जैसा कोहरा छाया रहा। सड़कों पर विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमट गई। अचानक मौसम बदलने के कारण अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
बारिश का अलर्ट:
मौसम विभाग (Weather Department) ने शनिवार को 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ज्यादातर जिले बुंदेलखंड (Bundelkhand) और पूर्वांचल (Purvanchal) के हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार भी मौसम इसी तरह बिगड़ा रहेगा।
आंधी और ओले से नुकसान:
पिछले 24 घंटे में अयोध्या (Ayodhya), बाराबंकी (Barabanki), सीतापुर (Sitapur) समेत 25 से अधिक जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। ललितपुर (Lalitpur) में ओले गिरे और सड़कों पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई। एक महिला किसान फसल देखकर रो पड़ी।
आकाशीय बिजली और हादसे:
प्रयागराज (Prayagraj), बलरामपुर (Balrampur), बहराइच (Bahraich) और मिर्जापुर (Mirzapur) में आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों समेत पांच लोगों की मौत हुई। झांसी (Jhansi) में बारूद फैक्ट्री पर आकाशीय बिजली गिरने से विस्फोट हुआ, जिसमें फैक्ट्री की छत उड़ गई और आग लग गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई। धमाके की आवाज करीब 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
मौसम विशेषज्ञों की सलाह:
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह (Atul Singh) ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदल गया है। रविवार तक गरज-चमक के साथ बारिश होगी, बिजली गिर सकती है और हवा 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। 23 मार्च से मौसम में सुधार की संभावना है।
दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
- 22 मार्च: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं बारिश होगी। तेज हवाएं चलेंगी।
- 23 मार्च: मौसम साफ रहने की संभावना है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी।
कृषि और फसलों पर प्रभाव:
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ सकता है। अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं, और तेज हवा से फलियां फट सकती हैं। गेहूं की फसल भी गिर सकती है जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों जैसे भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि पक चुकी फसल को तुरंत काटें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में जल निकास की उचित व्यवस्था करें।
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