Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) में पिछले 10 दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश की कई नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। Lakhimpur Kheri (लखीमपुर खीरी) में Sharda River (शारदा नदी) खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में पानी घुस गया है। कई स्थानों पर खेत और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। हालात ऐसे हैं कि मगरमच्छ सड़कों और खेतों में दिखाई दे रहे हैं। वहीं Varanasi (वाराणसी), Prayagraj (प्रयागराज), Sonbhadra (सोनभद्र) और अन्य जिलों में भी जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता:
लगातार हो रही बारिश के कारण Sharda River (शारदा नदी), Ghaghra River (घाघरा नदी), Ganga River (गंगा नदी), Saryu River (सरयू नदी) और Hindon River (हिंडन नदी) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। Lakhimpur Kheri (लखीमपुर खीरी) में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि Noida (नोएडा) में हिंडन नदी भी खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज की गई है। दोनों नदियां गंभीर बाढ़ की स्थिति वाले अलर्ट स्तर पर बनी हुई हैं।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात:
Sonbhadra (सोनभद्र) में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से जिला जेल जाने वाली सड़क बह गई है। वहीं Varanasi (वाराणसी) में पिछले एक सप्ताह के दौरान गंगा का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ गया है। Assi Ghat (अस्सी घाट) से Namo Ghat (नमो घाट) तक लगभग 50 छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं। Prayagraj (प्रयागराज) में भी कई घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। दूसरी ओर Ayodhya (अयोध्या), Gonda (गोंडा) और Basti (बस्ती) के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। Katarniaghat Barrage (कर्तनियाघाट बैराज) और Girija Barrage (गिरिजा बैराज) से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 92 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि चेतावनी स्तर 91.73 मीटर है।
प्रदेशभर में बारिश का अलर्ट जारी:
बुधवार सुबह से Noida (नोएडा) में रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है। वहीं Lucknow (लखनऊ), Kanpur (कानपुर), Agra (आगरा) समेत करीब 50 शहरों में बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में धूप भी निकल रही है। मौसम विभाग ने सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 10 शहरों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिक ने दी यह जानकारी:
Lucknow (लखनऊ) के मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh (अतुल कुमार सिंह) के अनुसार, Bay of Bengal (बंगाल की खाड़ी) में बने लो प्रेशर एरिया के कमजोर होने के कारण पिछले तीन से चार दिनों में प्रदेश में भारी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि अब मानसूनी रेखा दक्षिण की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते कुछ जिलों में भारी और दक्षिणी क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उनका कहना है कि गुरुवार से बारिश की तीव्रता कम होने लगेगी। लगभग तीन दिन के अंतराल के बाद 26 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा और प्रदेश में दोबारा बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
कई शहरों में मौसम का बदला मिजाज:
Noida (नोएडा) में सुबह से घने बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। यहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। Lucknow (लखनऊ) में बादलों और धूप का क्रम जारी है तथा दिन में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं Bareilly (बरेली) में सुबह तेज धूप निकली, लेकिन मौसम विभाग ने दिन में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की संभावना व्यक्त की है। Agra (आगरा) में सुबह से घने बादल छाए रहे और हवा चलती रही। पिछले दो दिनों से यहां रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही है। बीते 24 घंटे में 5.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 195.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक है।
बारिश के बीच हादसे भी बढ़े:
लगातार बारिश और तेज हवा के बीच Unnao (उन्नाव) के Auras (औरास) कस्बे में मंगलवार दोपहर एक पेड़ अचानक गिर गया। इसकी चपेट में दो मोटरसाइकिलें आ गईं। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद Sandila Road (संडीला मार्ग) पर लगभग एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
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