योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में श्रमिक हितों को लेकर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddh Nagar) में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले संविदाकारों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त करने, वसूली और ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कार्रवाई को श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

203 संविदाकारों पर बड़ी कार्रवाई:
गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddh Nagar) में 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन सभी के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई श्रम कानूनों के उल्लंघन और श्रमिकों के हितों की अनदेखी के चलते की गई है।

1.16 करोड़ की पेनल्टी का नोटिस:
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी (Rakesh Dwivedi) ने जानकारी दी कि जिन संविदाकारों ने श्रमिकों को देय लाभ नहीं दिए, उनके खिलाफ 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया गया है। यह राशि श्रमिकों को भुगतान करने के लिए निर्धारित की गई है। इसके साथ ही शेष दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।

श्रमिकों के हितों की सुरक्षा पर जोर:
विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालिया घटनाओं में कुछ संविदाकारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को उनके सभी वैधानिक अधिकार सुनिश्चित कराना है।

वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू:
श्रमिकों की मांग और असंतोष को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर गठित समिति की सिफारिश पर गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddh Nagar) और गाजियाबाद (Ghaziabad) में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और इसका भुगतान मई माह में किया जाएगा।

भुगतान और कटौती को लेकर निर्देश:
नई व्यवस्था के तहत संविदा और स्थायी दोनों प्रकार के श्रमिकों पर वेतन वृद्धि समान रूप से लागू होगी। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से केवल ईपीएफ और ईएसआई की ही कटौती की जाएगी। अन्य किसी भी प्रकार की कटौती पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ओवरटाइम और अन्य लाभ सुनिश्चित:
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा। इसके अलावा बोनस और ग्रेच्युटी जैसे सभी वैधानिक लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। यदि वेतन भुगतान में देरी या कमी पाई जाती है, तो संविदाकारों के साथ-साथ उनके प्रधान सेवायोजकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

औद्योगिक इकाइयों में अनुपालन की पहल:
जनपद में उद्यमी संगठनों द्वारा भी श्रम नियमों के पालन को लेकर सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से औद्योगिक इकाइयों को सरकार की गाइडलाइंस और न्यूनतम वेतन वृद्धि का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे औद्योगिक वातावरण में संतुलन और शांति बनाए रखने में मदद मिल रही है।

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