उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। सोमवार को स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर (State Health System Resource Center- SHSRC-UP) की नवगठित संचालन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्टेट ट्रांसफॉरमेशन कमीशन (State Transformation Commission) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आम लोगों तक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर मंथन:
बैठक में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करने, कम लागत में गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अस्पतालों के अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने माना कि तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और कार्यक्षमता में सुधार लाया जा सकता है।
अगले पांच वर्षों का रोडमैप तैयार करने पर चर्चा:
बैठक में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों का विस्तृत रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा की गई। इसमें स्वास्थ्य जनशक्ति को मजबूत करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों में सुधार और राज्य स्तर पर केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड तैयार करने को प्राथमिकता देने की बात कही गई। इसके अलावा एसएचएसआरसी-यूपी (SHSRC-UP) के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस, संचालन समिति, वेबसाइट निर्माण, स्टाफ संरचना और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर भी आवश्यक निर्णय लिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने पर जोर:
बैठक में मौजूद अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विश्वास जताया कि एसएचएसआरसी-यूपी (SHSRC-UP) के जरिए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक जन-केंद्रित और मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्थाओं से आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद:
बैठक में एसएचएसआरसी-यूपी (SHSRC-UP) की ओर से डॉ. राजेश हर्षवर्धन, चिकित्सा अधीक्षक एसजीपीजीआईएमएस (SGPGIMS) मौजूद रहे। इसके अलावा डॉ. नारायण प्रसाद, डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. कीर्ति और वित्त अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चिकित्सा शिक्षा विभाग से विशेष सचिव कृतिका शर्मा, स्वास्थ्य विभाग से विशेष सचिव रवि, आईआईएम लखनऊ (IIM Lucknow) से प्रो. वेंकट, लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) से डीन प्रो. अरविंद मोहन तथा आईएमए (IMA) और एफओजीएसआई (FOGSI) के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सहभागिता की।
एसजीपीजीआईएमएस के अंतर्गत किया गया गठन:
उल्लेखनीय है कि एसएचएसआरसी-यूपी (SHSRC-UP) का गठन एसजीपीजीआईएमएस (SGPGIMS), लखनऊ (Lucknow) के हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अंतर्गत किया गया है। यह केंद्र प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सहयोग प्रदान करेगा।
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